2027 में शनि का बड़ा राशि परिवर्तन, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

न्यूज तक डेस्क

• 10:06 AM • 11 Sep 2026

2027 में शनिदेव 3 जून को मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष के अनुसार मेष शनि की नीच राशि है. इस गोचर का असर मेष, वृषभ और कन्या राशि पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है. मानसिक तनाव, खर्च, काम में रुकावट और विवाद बढ़ सकते हैं. शनि से जुड़े कुछ उपाय भी बताए गए हैं.

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ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्मफल देने वाला ग्रह माना जाता है. शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देने के साथ अनुशासन और जिम्मेदारी का भी पाठ पढ़ाते हैं. साल 2027 में शनि का राशि परिवर्तन होने जा रहा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 3 जून 2027 को शनिदेव मेष राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष के अनुसार, मेष शनि की नीच राशि मानी जाती है. ऐसे में इस गोचर का असर कुछ राशियों पर चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

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3 जून 2027 को मेष राशि में जाएंगे शनि
ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 3 जून 2027 को शनिदेव अपनी मौजूदा राशि की यात्रा पूरी करके मेष में प्रवेश करेंगे. मेष राशि को शनि की नीच और शत्रु राशि माना जाता है. ज्योतिष में किसी ग्रह का नीच राशि में गोचर सामान्य तौर पर उसके शुभ प्रभावों में कमी से जोड़ा जाता है. शनि के मेष राशि में पहुंचने के बाद कुछ लोगों को काम में देरी, मानसिक दबाव और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. खासतौर पर 3 राशियों के जातकों को इस दौरान अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

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मेष राशि: काम में आ सकती हैं रुकावटें
मेष राशि में ही शनिदेव का प्रवेश होगा. इस वजह से मेष राशि के जातकों पर शनि का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. साथ ही, इस अवधि में शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव भी रहने की बात कही गई है. जातकों को मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन परेशान कर सकता है. कई बार पूरा होने वाला काम आखिरी समय पर अटक सकता है. सेहत को लेकर लापरवाही करना भारी पड़ सकता है. नौकरी या कारोबार में वरिष्ठ अधिकारियों से विवाद से बचना बेहतर रहेगा. आर्थिक मामलों में भी जल्दबाजी से फैसला लेने से बचें.

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वृषभ राशि: बढ़ सकता है खर्च का बोझ
वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर बारहवें भाव में होगा. इसके साथ ही साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होने की बात कही गई है. इस दौरान अचानक होने वाले खर्च बढ़ सकते हैं. इससे आर्थिक बजट प्रभावित होने की आशंका है. भविष्य को लेकर चिंता और तनाव भी बढ़ सकता है. पैसों के लेन-देन में विशेष सावधानी बरतनी होगी. किसी व्यक्ति को बड़ी रकम उधार देने से बचना उचित रहेगा. कोर्ट-कचहरी और विवाद से जुड़े मामलों में भी सतर्क रहने की जरूरत होगी

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कन्या राशि: नौकरी और कारोबार में संभलकर चलें
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि का गोचर आठवें भाव में होगा. ज्योतिष में आठवें भाव को अचानक होने वाले बदलाव और चुनौतियों से जोड़कर देखा जाता है. इस कारण नौकरी और कारोबार में कुछ अनपेक्षित रुकावटें आ सकती हैं. सहकर्मियों या कारोबारी साझेदारों के साथ गलतफहमी की स्थिति बन सकती है. यात्रा और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा. निवेश से जुड़े फैसले भी सोच-समझकर लेने चाहिए. इस दौरान अपनी महत्वपूर्ण योजनाओं को हर किसी के साथ साझा करने से बचना बेहतर माना जाता है.

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शनि के नकारात्मक प्रभाव से बचने के ज्योतिषीय उपाय
ज्योतिष में शनि से जुड़े उपायों को उसके अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए किया जाता है. मान्यता के अनुसार, शनिवार को कुछ विशेष उपाय करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है. शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. रोजाना हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें. "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें. शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल, उड़द की दाल, लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल का दान करें.
(नोट: यह लेख ज्योतिषीय मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग संबंधी जानकारी पर आधारित है. इसे वैज्ञानिक भविष्यवाणी या वित्तीय, स्वास्थ्य अथवा कानूनी सलाह के रूप में न लें.)

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