बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा हाई हो चुका है. हर एक राजनीतिक दल अपना-अपना वोट बैंक साधने की जुगत में जुट गई है. इसी कड़ी में एक ओर जहां कांग्रेस, राजद समेत महागठबंधन के अन्य घटक दल अति पिछड़ा न्याय संकल्प कार्यक्रम में जुटे और सरकार पर जमकर निशाना साधा. तो वहीं दूसरी ओर AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने राज्य में सीमांचल न्याय यात्रा की शुरुआत की. इसी दौरान उन्होंने आज तक से खास बातचीत की जिसमें उन्होंने महागठबंधन में शामिल होने के लेकर गरबा नाइट के मुद्दे पर खुलकर बातचीत की. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.
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लालू और तेजस्वी को लेकर कही ये बात
असदुद्दीन ओवैसी ने आरजेडी के साथ गठबंधन न होने पर अपनी निराशा जाहिर की. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने गठबंधन के लिए आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव को दो और उनके बेटे तेजस्वी यादव को एक पत्र लिखा था. ओवैसी ने कहा, "हमने आरजेडी से सिर्फ छह सीटें मांगी थीं, मंत्री पद की कोई मांग नहीं की थी."
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2020 में उनके जीते हुए पांच में से चार विधायकों को आरजेडी ने अपनी तरफ कर लिया था, इसके बावजूद उन्होंने गठबंधन की पेशकश की थी. ओवैसी ने स्पष्ट किया कि "आरजेडी से गठबंधन की पेशकश करना मेरी कमजोरी नहीं थी."
'बिहार में मुस्लिमों का कोई नेता नहीं'
ओवैसी ने बिहार में मुस्लिम समुदाय के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस समाज की बात करने वाला कोई नेता नहीं है. उन्होंने कहा कि "हमने उस बाप को पत्र लिखा, जिन्होंने इस पार्टी (आरजेडी) को बनाया. अब अगर उनका बेटा कहता है कि उन्हें नहीं पता था, तो हमने यही देखा है कि बाप की बात सुनकर सब एक लाइन में खड़े हो जाते हैं." उन्होंने चेतावनी दी कि आरजेडी को विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.
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सीमांचल में फिर हराएंगे आरजेडी को
AIMIM प्रमुख ओवैसी ने दावा किया कि उनकी पार्टी आरजेडी को एक बार फिर सीमांचल क्षेत्र में हराएगी. उन्होंने प्रशांत किशोर या तेज प्रताप यादव के साथ गठबंधन की संभावना पर कहा, "राजनीति संभव की कला है" और इस पर फैसला उनकी पार्टी की बिहार इकाई लेगी.
उन्होंने घुसपैठियों के मुद्दे को "सीमांचल की जनता को बेइज्जत करने और शक की सुई उनकी तरफ घुमाने" का प्रयास बताया. ओवैसी ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि अगर घुसपैठिए हैं, तो उन्हें क्यों नहीं निकाला जा रहा? उन्होंने कहा कि बीएसएफ केंद्र सरकार के अधीन काम करती है और सरकार को बताना चाहिए कि कितने लोगों को पकड़ा गया है और कितने मामले चल रहे हैं.
बीजेपी पर भी साधा निशाना
ओवैसी ने दावा किया कि "बिहार भ्रष्टाचार का एपिसेंटर बन चुका है" और उन्होंने नीतीश कुमार की सरकार पर जबरदस्त भ्रष्टाचार के आरोप लगाए. ओवैसी ने वक्फ कानून को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि अगर बीजेपी सत्ता में आई तो मस्जिदों और खानका को वीरान कर देगी. उन्होंने सवाल किया, "क्या मोदी, अमित शाह या नीतीश कुमार यह तय करेंगे कि कौन मुसलमान है?"
साथ ही उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास होगा कि बिहार में एनडीए की सरकार न बने. लेकिन यह भी कहा कि अगर एनडीए की सरकार बनी तो बीजेपी का ही सीएम बनेगा. वहीं गरबा नाइट में जिहादी पर पाबंदी को ओवैसी ने "बकवास और झूठ" बताया. गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ओवैसी की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान गठबंधन की बात करने के लिए लालू यादव से मिलने गए थे, लेकिन उन्हें अंदर जाने की इजाजत नहीं मिली थी.
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