Bihar election 2025 DB survey: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 6 नवंबर को राज्य के 121 विधानसभा सीटों पर मतदान होंगे. 121 सीटों में कई ऐसी सीटें है जहां पर खुद बाहुबली नेता या फिर उनके परिवार वाले चुनाव लड़ रहे है. इन्हीं सीटों में से एक सीट सीवान जिले की रघुनाथपुर है, जहां से इस बार बाहुबली नेता शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब चुनावी रण में उतरे हुए है. रघुनाथपुर सीट पहले से ही राजद के पास और उनकी मजबूत पकड़ बताई जाती है. इसी बीच दैनिक भास्कर ने इस सीट को लेकर एक सर्वे किया है और रुझान को बताया है.
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रघुनाथपुर सीट पर सीधी टक्कर
राज्य के कई हॉट सीटों में एक हॉट सीट रघुनाथपुर भी है. फिलहाल यह सीट राजद के पास है और इस बार सिटिंग विधायक हरिशंकर यादव के कहने पर ही शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट मिला है. वहीं जदयू से विकास कुमार सिंह चुनावी मैदान में है और ओसामा को सीधी टक्कर दे रहे हैं. जन सुराज ने राहुल कीर्ति सिंह को मैदान में उतारा है.
DB सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा
DB सर्वे के मुताबिक इस सीट पर टक्कर तो होगी लेकिन ओसामा शहाब के पक्ष में ज्यादा वोटर नजर आ रहे है. इसके पीछे की वजह भी शहाबुद्दीन की पुरानी लेगेसी यानी लोगों के बीच उनका वर्चस्व और मजबूत पकड़ है. साथ ही यह सीट पिछले दो बार से यह सीट राजद के पास ही है. ओसामा को उतारने से मुस्लिम-यादव वोट बैंक और मजबूत दिखाई दे रहा है.
दैनिक भास्कर(DB) के सर्वे में यह भी खुलासा हुआ है कि रघुनाथपुर इलाके के प्रतापपुर में शहाबुद्दीन का पुश्तैनी गांव है, जिससे वहां पर उनकी मजबूत पकड़ है. साथ ही जातीय समीकरण की बात करें को विधानसभा में 23 प्रतिशत मुस्लिम, 10 प्रतिशत राजपूत और 12 प्रतिशत यादव वोटर्स है.
2020 में क्या थी स्थिति?
पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2020 चुनाव की बात करें तो इस सीट पर कांटे की टक्कर थी, इसके बावजूद भी राजद ने ही इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया था. राजद की ओर से हरिशंकर यादव ने लोक जनशक्ति पार्टी के उम्मीदवार मनोज कुमार सिंह को महज 17, 965 वोटों से हरा दिया था.
रघुनाथपुर सीट का इतिहास
बिहार की रघुनाथपुर विधानसभा सीट का इतिहास कांग्रेस पार्टी के प्रभुत्व वाला रहा है, जिस पर उसने कुल सात बार कब्जा किया. शुरुआती दौर में कांग्रेस के रामानंद यादव ने तीन बार (1952, 1962, 1969) और रामदेव सिंह ने दो बार (1957, 1967) जीत हासिल की, जिसके बाद 1972 में श्रीनिवासन सिंह और 1977 में विक्रम कुंवर विधायक बने.
कांग्रेस के विजय शंकर दुबे ने 1980 से 1990 तक जीत की हैट्रिक लगाई और आखिरी बार 2000 में यह सीट जीती. हालांकि, 2005 में वह निर्दलीय जगमातो देवी से हार गए. 2010 में नए परिसीमन के बाद बीजेपी के विक्रम कुंवर ने यहां जीत दर्ज की, लेकिन पिछले दो चुनावों (2015 और 2020) में आरजेडी के हरिशंकर यादव लगातार इस सीट से विधायक चुने गए हैं.
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