बिहार MLC चुनाव: अनंत सिंह की बगावत से बढ़ी जेडीयू की मुश्किलें, क्या नीरज कुमार का खेल बिगाड़ेंगे 'छोटे सरकार'?

इन्द्र मोहन

• 04:22 PM • 16 Sep 2026

Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट पर JDU के नीरज कुमार के सामने पार्टी के ही विधायक अनंत सिंह की चुनौती खड़ी हो गई है. 'छोटे सरकार' ने निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार को समर्थन देने का ऐलान किया है. जानिए पटना स्नातक सीट का वोट और जातीय समीकरण, अनंत सिंह की बगावत से JDU को कितना नुकसान हो सकता है और क्या नीतीश कुमार करेंगे हस्तक्षेप.

Bihar MLC Election 2026
Bihar MLC Election 2026
Google CTA

बिहार में आगामी दो महीनों के भीतर विधान परिषद (MLC) की आठ सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. इनमें स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार-चार सीटें शामिल हैं. इन चुनावों के लिए वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. हालांकि, इन सबके बीच सूबे में सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की बनी हुई है. इस सीट से सत्तारूढ़ जेडीयू (JDU) की तरफ से एक बार फिर नीरज कुमार उम्मीदवार होंगे, लेकिन उनके सामने पार्टी के ही भीतर से चुनौती खड़ी हो गई है. बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने ऐलान कर दिया है कि वह अपनी पार्टी के उम्मीदवार की जगह निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन करेंगे. जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, वैसे-वैसे ही मामला और गंभीर होते जा रहा है. विस्तार से समझिए पूरी बात.

Read more!

मोकामा के बाहुबली विधायक का खुला विरोध

मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (छोटे सरकार) ने नीरज कुमार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है. अनंत सिंह ने ऐलान किया है कि वह इस चुनाव में डॉ. अनुज कुमार को अपना पूरा समर्थन देंगे. डॉ. अनुज कुमार पीएचडी धारक हैं और इससे पहले जन सुराज पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं. अनंत सिंह के इस कदम से जेडीयू की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि पार्टी के भीतर ही अंतर्द्वंद्व की स्थिति पैदा हो गई है.

पार्टी दफ्तर की बैठक और बिना बयान दिए निकले अनंत सिंह

इस उपजे विवाद को सुलझाने के लिए जेडीयू पार्टी कार्यालय में एक अहम बैठक बुलाई गई. इस मीटिंग में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष समेत पार्टी के तमाम बड़े नेता और बाहुबली विधायक अनंत सिंह भी मौजूद रहे. बैठक के दौरान अनंत सिंह और नीरज कुमार एक ही टेबल पर आमने-सामने बैठे, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही और अनंत सिंह बिना कोई आधिकारिक बयान दिए वहां से उठकर चले गए. इसके बाद नीरज कुमार ने मीडिया के सामने दावा किया था कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और अनंत सिंह पहले भी उनके साथ थे, अब भी साथ हैं.

जातीय समीकरण और वोटों के बिखराव का खतरा

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत पटना, नालंदा और नवादा जिले आते हैं. यहां के ज्यादातर मतदाता भूमिहार, ब्राह्मण और कायस्थ जैसी जातियों से आते हैं, जो कि पढ़े-लिखे वर्ग से ताल्लुक रखते हैं. इस चुनाव में वही प्रत्याशी जीतता है जो अपने समर्थकों और वोटरों का सबसे ज्यादा नामांकन करा पाता है. पिछले चुनाव में नीरज कुमार ने करीब 8000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार डॉ. अनुज कुमार भी उसी जाति से आते हैं. यदि अनंत सिंह अपने समर्थकों को लामबंद कर नीरज कुमार के खिलाफ वोट डलवाते हैं, तो जेडीयू के पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी सेंध लग सकती है.

क्या नीतीश कुमार करेंगे हस्तक्षेप?

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच का यह विवाद काफी पुराना है, और अब पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाहुबली विधायक को कौन मनाएगा? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मामले को सुलझाने के लिए अब पार्टी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ सकती है. अनंत सिंह अमूमन नीतीश कुमार के आदेश या बात को नहीं टालते हैं, इसलिए जेडीयू यह कोशिश कर रही है कि अनंत सिंह की सीधी मुलाकात नीतीश कुमार से कराई जाए ताकि उन्हें मनाकर पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में खड़ा किया जा सके.

UCC विवाद के बीच क्या जेडीयू छोड़ेगी एनडीए का साथ? समझिए बिहार की राजनीति का पूरा गणित