बिहार में विधान परिषद यानी MLC चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. चुनाव जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुकाबला सिर्फ एनडीए (NDA) और महागठबंधन तक सीमित नहीं रह गया है. प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' की एंट्री ने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारकर जन सुराज जिस आक्रामक अंदाज में प्रचार कर रहा है, उससे सवाल उठने लगा है कि क्या प्रशांत किशोर एमएलसी चुनाव में भी वही चाल चल रहे हैं, जो उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव के दौरान चली थी? विस्तार से जानिए पूरी बात.
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10,000 ग्रेजुएट युवाओं को नौकरी का बड़ा वादा
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर ने स्थानीय मुद्दों जैसे खराब सड़कें, नालियों की गंदगी और जल-जमाव को प्रमुखता से उठाया था. ठीक उसी तर्ज पर, इस MLC चुनाव में भी प्रशांत किशोर ने वादों और मुद्दों का स्पष्ट एजेंडा तय किया है. उन्होंने सातवें वेतन आयोग को लागू करने की बात कही है. इसके साथ ही सबसे बड़ा वादा करते हुए कहा है कि चुनाव जीतने पर वह क्षेत्र के 10,000 स्नातक (ग्रेजुएट) और बेरोजगार युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्राइवेट नौकरियां दिलाएंगे.
नीरज कुमार को चुनौती: 'नीतीश जी से दिलाएं बयान, वापस लेंगे प्रत्याशी'
पटना ग्रेजुएट निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू (JDU) के नीरज कुमार प्रत्याशी हैं, जबकि जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है. यह सीट इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जदयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और वह जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह का खुला समर्थन कर रहे है. वहीं प्रशांत किशोर लगातार नीरज कुमार को निशाना बना रहे हैं.
प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार और जेडीयू को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि अगर नीरज कुमार खुद को नीतीश कुमार का करीबी बताते हैं और जेडीयू के उम्मीदवार हैं, तो नीतीश कुमार उनके पक्ष में एक लाइन का बयान जारी कर दें. PK ने ऐलान किया कि अगर नीतीश कुमार कैमरे के सामने आकर नीरज कुमार के समर्थन में वोट देने की अपील करते हैं, तो 'जन सुराज' अपना प्रत्याशी वापस ले लेगा. हालांकि, उन्होंने शर्त रखी कि यह बांकीपुर उपचुनाव की तरह कोई AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो नहीं होना चाहिए.
क्या काम करेगी PK की यह रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर लगातार विरोधी पक्ष को उकसाने और जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम पैदा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. बांकीपुर चुनाव के दौरान भी उन्होंने सांसद रविशंकर प्रसाद के एक वीडियो का हवाला देकर ऐसा ही भ्रम बनाने की कोशिश की थी.
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नीतीश कुमार जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के लिए कोई वीडियो संदेश जारी करेंगे? और क्या प्रशांत किशोर की यह 'बांकीपुर वाली चाल' एमएलसी चुनाव में सफल होकर बिहार की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव ला पाएगी?
MLC Election: नीरज कुमार का नाम सुनते ही भड़के प्रशांत किशोर, JDU को दिया बड़ा चैलेंज
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