छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार का हलफनामा, AK-47 मामले में आई सफाई

संजय शर्मा

• 12:32 PM • 18 Aug 2026

बिहार सरकार ने छात्र आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि सीवान में भीड़ में फंसने पर सिपाही ने AK-47 से 4 राउंड हवाई फायरिंग की थी, लेकिन इससे कोई घायल नहीं हुआ. सरकार के मुताबिक 22 से 25 जुलाई के बीच 69 एफआईआर दर्ज कर 500 लोगों को अरेस्ट किया गया, जबकि 222 बेकसूर छात्रों को जमानत दी जा चुकी है.

Supreme Court
Supreme Court
Google CTA

बिहार में पेपर लीक के खिलाफ हुए उग्र छात्र प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. शीर्ष अदालत में दाखिल हलफनामे में बिहार सरकार ने पुलिस की ओर से किसी भी तरह के अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों को खारिज किया है. सरकार का कहना है कि प्रदर्शनों के दौरान उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों ने भारी हिंसा की, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं. पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए पूरी तरह संयम से काम लिया.

Read more!

सीवान में AK-47 से 4 राउंड हवाई फायरिंग, सिपाही निलंबित

सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने स्वीकार किया कि सीवान के जेपी चौक के पास भीड़ में घिरे एक पुलिस कांस्टेबल ने अपनी AK-47 राइफल से हवा में 4 राउंड फायरिंग की थी. सरकार ने स्पष्ट किया कि AK-47 की हवाई फायरिंग से कोई भी व्यक्ति या प्रदर्शनकारी घायल नहीं हुआ. AK-47 विशेष अभियानों के लिए इस्तेमाल होने वाला हथियार है, इसलिए अनुचित आचरण के आरोप में संबंधित सिपाही को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है. इसके अलावा हाथी चौक पर एक ASI ने 9mm पिस्टल से 2 राउंड फायर किए, जिसमें 3 प्रदर्शनकारियों को मामूली गोली लगी. इस घटना की बैलिस्टिक जांच कराई जा रही है.

69 FIR दर्ज, 500 गिरफ्तार, 222 छात्रों को मिली जमानत

बिहार सरकार द्वारा अदालत में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 22 जुलाई से 25 जुलाई के बीच पूरे राज्य में कुल 69 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया. जिन 222 छात्र प्रदर्शनकारियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया है. 18 साल से कम उम्र के ऐसे 75 किशोरों को साधारण बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया गया. सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों की व्यक्तिगत जानकारी और डिजिटल डेटा को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.

छपरा में उग्र भीड़ का हमला

हलफनामे में छपरा, गांधी मैदान, जहानाबाद और भागलपुर में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए सरकार ने बताया कि छपरा में प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों के हमले में 2 बीडीओ (BDO), 3 पुलिस इंस्पेक्टर, 2 सब-इंस्पेक्टर और 11 कांस्टेबल घायल हुए. इनमें से एक BDO की आंख की रोशनी चली गई, जबकि दूसरे अधिकारी के सिर में गंभीर चोट आने के कारण हालत नाजुक बनी हुई है. पूरे आंदोलन में कुल 157 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

नीतीश कुमार कुछ बड़ा करने जा रहे हैं? संजय झा को इशारा, अक्टूबर से प्लान