बिहार के कोचिंग जगत की सबसे बड़ी जंग अब पूरी तरह से व्यक्तिगत और बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुकी है. फैजल खान और ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के रोशन आनंद सर के बीच का विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. ज्ञान बिंदु कोचिंग के प्रिंस की मौत के बाद रोशन आनंद ने खान सर पर सीधे और बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. इस पूरे विवाद का असर दोनों ही पक्षों पर साफ देखा जा रहा है.
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जहां एक तरफ ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर में फिलहाल क्लासेस बंद हैं, वहीं दूसरी तरफ खान सर के कोचिंग साम्राज्य और उनके रुतबे को भी बड़ा झटका लगा है. कभी खान सर के बेहद करीबी रहे और गणित की क्लास लेने वाले विपिन सर ने भी दावा किया है कि उन्होंने दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद विपिन सर ने वीडियो जारी कर खान सर पर फर्जीवाड़ा करने और क्लास में नकली छात्रों को सफल दिखाकर खड़ा करने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे यह विवाद और ज्यादा गहरा गया है.
कदमकुआं थाने में 5 घंटे का हाई वोल्टेज ड्रामा, नहीं दर्ज हुई FIR
बुधवार की शाम को यह मामला उस समय और गरमा गया जब रोशन आनंद अपने वकीलों के साथ पटना के कदमकुआं थाने पहुंचे. वे शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच थाने पहुंचे थे और उनके पास तीन नामजद लोगों के खिलाफ आवेदन था. इस आवेदन में मुख्य रूप से फैजल खान उर्फ खान सर, उस बिल्डिंग के मालिक जहां कोचिंग चलती है, और एक अन्य शख्स (जिसने पहले रोशन आनंद के खिलाफ मारपीट की एफआईआर कराई थी) का नाम शामिल था. रोशन आनंद ने पुलिस से गुहार लगाई कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जाए, लेकिन रात के करीब 9 से 10 बजे तक, यानी लगभग 5 घंटे तक थाने में बैठे रहने के बाद भी पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की.
रोशन आनंद और उनके वकील ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
थाने से बाहर आने के बाद रोशन आनंद और उनके वकील ने मीडिया के सामने पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाए. रोशन आनंद ने बेहद भावुक और गुस्से में कहा कि खान सर द्वारा रचे गए षड्यंत्र के तहत उन पर पहले झूठी एफआईआर कराई गई और उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया था, और अब साजिश के तहत उनके भाई की हत्या करवा दी गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे खुद न्याय की मांग और एफआईआर दर्ज कराने आए हैं, तो पुलिस आवेदन लेकर बैठने के बावजूद केस दर्ज नहीं कर रही है. रोशन आनंद के वकील ने भी सीधे तौर पर सवाल खड़ा किया कि कदमकुआं पुलिस आखिर किसके बड़े दबाव में काम कर रही है जो वह खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से कतरा रही है.
नेपाल कनेक्शन और बिसरा रिपोर्ट पर टिका कानूनी पेच
इस पूरे मामले में कई तकनीकी और कानूनी पेच भी सामने आ रहे हैं, जिसकी वजह से जांच बेहद पेचीदा हो गई है. दरअसल, रोशन आनंद के भाई प्रिंस की मौत भारत में नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में हुई है. ऐसे में कानूनी पेच यह है कि बिहार पुलिस सीधे तौर पर नेपाल जाकर इस मामले की छानबीन कैसे और किस अधिकार से आगे बढ़ा सकती है.
हालांकि, सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि नेपाल पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रिंस के शरीर पर किसी तरह की चोट, छीनाझपटी या संदिग्ध निशान नहीं मिले हैं, जो कि एक सामान्य मौत की तरफ इशारा करते हैं. लेकिन मौत की असली और पुख्ता वजह का पता लगाने के लिए अभी बिसरा (Viscera) रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी.
सीसीटीवी फुटेज और नेताओं के दरवाजे तक पहुंची न्याय की गुहार
इस पूरे विवाद की शुरुआत 2 जून को हुई मारपीट से हुई थी, जिसके महज 4 घंटे के भीतर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए रोशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. उस वक्त खान सर ने आरोप लगाया था कि ज्ञान बिंदु कोचिंग और रोशन आनंद की तरफ से कई राउंड फायरिंग की गई थी. हालांकि, बाद में सामने आए एक सीसीटीवी फुटेज ने पूरा मामला पलट दिया, जिसमें खान सर के अपने ही बॉडीगार्ड हवा में फायरिंग करते हुए दिखाई दिए. सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद खान सर पर भी शिकंजा कसने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने कोर्ट से अग्रिम जमानत ले ली और गिरफ्तारी से बच गए.
पुलिस से बचते-बचाते प्रिंस नेपाल पहुंचे थे जहां उनकी मौत हो गई. अब न्याय के लिए रोशन आनंद लगातार नेताओं के चक्कर काट रहे हैं. उनकी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता संजय झा के साथ मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं. इसके अलावा बीजेपी के भी कई मंत्रियों और विधायकों ने इस पर बयान देते हुए कहा है कि कानून को अपना काम निष्पक्ष रूप से करना चाहिए. इसके बावजूद, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि रसूखदार नाम होने के कारण मामले को ठंडे बस्ते में डालने और मैनेज करने की कोशिश की जा रही है.
यहां देखें वीडियो
रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत पर भड़के गुरु रहमान, खान सर को लेकर कहने लगे ये बात!
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