कोसी स्नातक सीट पर जन सुराज का चेहरा डॉ. रजनीश रंजन, जानिए कौन हैं PK के उम्मीदवार?

इन्द्र मोहन

• 02:10 PM • 29 Sep 2026

बिहार विधान परिषद की कोसी स्नातक सीट पर जन सुराज ने डॉ. रजनीश रंजन पर दांव खेला है। बीजेपी के एनके यादव और आरजेडी के नीतेश कुमार के खिलाफ मैदान में उतरे डॉ. रजनीश रंजन की शिक्षा, राजनीतिक रणनीति और बड़े वादों के बारे में विस्तार से पढ़ें.

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बिहार विधान परिषद की कोसी स्नातक सीट पर इस बार मुकाबला कई मायनों में दिलचस्प है. जन सुराज ने इस सीट से डॉ. रजनीश रंजन को अपना उम्मीदवार बनाया है. पार्टी ने कुछ दूसरी सीटों पर अपने प्रत्याशियों में बदलाव किया, लेकिन कोसी स्नातक सीट पर रजनीश रंजन पर भरोसा बरकरार रखा है. अब रजनीश रंजन लगातार कोसी के अलग-अलग इलाकों में पहुंच रहे हैं और स्नातक मतदाताओं के साथ संवाद कर रहे हैं. वह खुद को कोसी का बेटा और युवा शिक्षा शास्त्री बताते हैं. सहरसा से जुड़े रजनीश रंजन शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को अपने अभियान का आधार बना रहे हैं.

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इतिहास से पत्रकारिता और कानून तक पढ़ाई

डॉ. रजनीश रंजन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी इस चुनाव में उनकी पहचान का हिस्सा है. उन्होंने इतिहास, पत्रकारिता और शिक्षा शास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. इसके अलावा उनके पास एलएलबी की डिग्री भी है. यानी जिन मतदाताओं के बीच वह जा रहे हैं, उनके सामने उनकी सबसे बड़ी पहचान शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले उम्मीदवार की है. इसी आधार पर वह लगातार स्नातक मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं.कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 1,34,593 मतदाता हैं. इस चुनाव में सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव की तरह हर नागरिक वोट नहीं डालता. यहां निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले स्नातक मतदाता मतदान करते हैं. यही वजह है कि उम्मीदवारों के लिए पूरे क्षेत्र में लगातार संपर्क अभियान चलाना बेहद अहम हो जाता है. कोसी का क्षेत्र भी कई जिलों में फैला हुआ है. ऐसे में रजनीश रंजन अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर मतदाताओं के बीच अपनी बात रख रहे हैं.

BJP के एनके यादव और RJD के नीतेश कुमार से मुकाबला

कोसी स्नातक सीट पर बीजेपी ने एक बार फिर एनके यादव को उम्मीदवार बनाया है. वहीं आरजेडी की तरफ से नीतीश कुमार मैदान में हैं. इन उम्मीदवारों के बीच जन सुराज के रजनीश रंजन भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में उनके सामने चुनौती सिर्फ अपना मुद्दा मतदाताओं तक पहुंचाने की नहीं, बल्कि इतने बड़े क्षेत्र में संगठन और व्यक्तिगत संपर्क को मजबूत करने की भी है. रजनीश रंजन के अभियान में बेरोजगारी और शिक्षा बड़े मुद्दे हैं. हाल में जमुई में आयोजित एक स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम में उन्होंने बेरोजगार स्नातकों के लिए पांच लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण और अनुदान की बात कही. इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, बीमा, बेरोजगारी भत्ता और डिजिटल लाइब्रेरी जैसे मुद्दे भी उनके एजेंडे में शामिल हैं. ये उनके चुनावी प्रस्ताव हैं, जिन्हें वह मतदाताओं के सामने रख रहे हैं.

PK भी बता चुके हैं अपना प्लान

कोसी स्नातक सीट पर जन सुराज की सक्रियता बढ़ने के साथ प्रशांत किशोर ने भी पार्टी की रणनीति को लेकर बड़ा ऐलान किया था. PK ने कहा था कि जिस तरह बांकीपुर के मतदाताओं के लिए सुविधाओं की बात की जा रही है, उसी तरह अगर जन सुराज कोसी क्षेत्र में जीत हासिल करता है तो वहां के मतदाताओं को भी ऐसी सुविधाएं देने की कोशिश की जाएगी. रजनीश रंजन की उम्मीदवारी घोषित होने से पहले भी वह कोसी क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं. स्नातक मतदाता संवाद के जरिए उन्होंने अलग-अलग इलाकों में संपर्क अभियान चलाया और खास तौर पर युवाओं, स्नातकों और शिक्षा से जुड़े लोगों के बीच अपनी बात रखी. प्रशांत किशोर ने उम्मीदवारों के चयन के दौरान शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर काम करने वाले लोगों को चुनाव मैदान में उतारने की बात कही थी.

अब चुनौती बड़े क्षेत्र तक पहुंचने की

रजनीश रंजन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती कोसी स्नातक क्षेत्र के हर हिस्से तक अपनी पहुंच बनाने की है. क्षेत्र बड़ा है और मतदाताओं की संख्या भी एक लाख से ज्यादा है. ऐसे में व्यक्तिगत संपर्क, संगठन और मुद्दों को मतदाताओं तक पहुंचाना उनके अभियान की अहम कसौटी होगी. जन सुराज विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के जरिए अपने राजनीतिक संगठन को विस्तार देने की कोशिश कर रहा है. कोसी स्नातक सीट पर रजनीश रंजन इसी रणनीति का एक अहम चेहरा हैं. अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि रजनीश रंजन कितने मतदाताओं तक पहुंचते हैं, बल्कि यह भी है कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े जिन मुद्दों को वह उठा रहे हैं, वे स्नातक मतदाताओं के बीच किस तरह की प्रतिक्रिया पैदा करते हैं.

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