पटना हॉस्टल कांड: 'शंभू गर्ल्स हॉस्टल' के सामने वाले हॉस्टल में क्या है माहौल? वार्डन और ओनर ने किए कई खुलासे

Patna hostel case update: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल कांड के बाद आसपास के हॉस्टलों में भी दहशत का माहौल है. बिहार तक की टीम ने सामने स्थित लड्डू गोपाल गर्ल्स हॉस्टल की पड़ताल की, जहां वार्डन और ओनर ने सुरक्षा व्यवस्था, CCTV निगरानी, परिजनों की चिंता और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर कई अहम खुलासे किए. जानिए हॉस्टल के अंदर का माहौल और क्या बोले संचालक.

Patna hostel case update
शंभू गर्ल्स हॉस्टल के सामने वाले हॉस्टल की वार्डन

अनिकेत कुमार

follow google news

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद आसपास के हॉस्टलों में भी हड़कंप मचा हुआ है. बिहार तक की टीम ने घटना स्थल के ठीक सामने स्थित 'लड्डू गोपाल गर्ल्स हॉस्टल' की पड़ताल की, जहां वार्डन और ओनर ने हॉस्टल की सुरक्षा और घटना के बाद छात्राओं व उनके परिजनों के बीच पैदा हुए डर के बारे में विस्तार से बात की. आइए विस्तार से जानते हैं क्या कुछ पता चला और शंभू गर्ल्स हॉस्टल को लेकर उनका क्या कहना है.

Read more!

सुरक्षा को लेकर सख्त नियम

लड्डू गोपाल गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन ने बताया कि उनके यहां सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाता. हॉस्टल में पुरुष कर्मचारियों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है और यहां तक कि गार्ड भी बाहर ही तैनात रहता है. यदि किसी छात्रा के पिता या भाई मिलने आते हैं, तो उनके लिए ऑफिस में बैठने की व्यवस्था की गई है, उन्हें हॉस्टल के कमरों तक जाने की अनुमति नहीं दी जाती. केवल माताओं को ही अंदर जाने दिया जाता है.

परिजनों में चिंता, पर भरोसे की जीत

छात्रा की मौत की खबर फैलने के बाद कई परिजनों के फोन हॉस्टल संचालकों के पास आए. ओनर ने बताया कि 'परिजनों के बहुत फोन आए और वे काफी चिंतित थे. कुछ ने कहा कि हम केवल आपके भरोसे अपनी बच्ची को यहां छोड़ रहे हैं.' हालांकि, संचालक का कहना है कि उनके हॉस्टल से किसी भी छात्रा को वापस ले जाने का मामला सामने नहीं आया है क्योंकि उन्होंने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं.

सीसीटीवी और रजिस्टर से 24 घंटे निगरानी

हॉस्टल के मालिक ने दिखाया कि वे न केवल रिसेप्शन पर लगी स्क्रीन, बल्कि अपने मोबाइल फोन के जरिए भी 24 घंटे हॉस्टल की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं. हॉस्टल में एक रजिस्टर (डायरी) भी मेंटेन किया जाता है, जिसमें हर छात्रा के बाहर जाने और वापस आने का सही समय और कारण दर्ज किया जाता है. वार्डन के मुताबिक, छात्राएं लाइब्रेरी या कोचिंग कहां जा रही हैं, इसकी पूरी जानकारी उनके पास होती है.

संदिग्ध गतिविधियों पर चुप्पी

जब उनसे पूछा गया कि क्या शंभू गर्ल्स हॉस्टल में पहले से ऐसी संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं, तो उन्होंने बताया कि वे केवल अपने हॉस्टल और छात्राओं की सुरक्षा से मतलब रखते हैं. आसपास के लोग महंगी गाड़ियों के देर रात आने की बात कह रहे हैं, लेकिन पड़ोसी हॉस्टल के स्टाफ ने ऐसी किसी भी गतिविधि को देखने से इनकार किया. उनका कहना है कि वे रात 8:30 बजे तक हॉस्टल का गेट लॉक कर देते हैं. इस मामले ने पटना के कोचिंग हब में चल रहे हॉस्टलों की सुरक्षा और संचालकों की जवाबदेही पर एक नई बहस छेड़ दी है.

यहां देखें वीडियो

यह खबरें भी पढ़ें: 

पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा की मौत मामले में हुआ बड़ा खुलासा,  'तीसरे फ्लोर' का खौफनाक सच आया सामने! 

पटना हॉस्टल कांड: सिस्टम के वो 5 चेहरे जिनकी लापरवाही ने इंसाफ को उलझाया, 'सुसाइड' की थ्योरी पर मेडिकल रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    follow google news