पटना हॉस्टल कांड: NEET छात्रा की मौत मामले में हुआ बड़ा खुलासा, 'तीसरे फ्लोर' का खौफनाक सच आया सामने!
Patna hostel incident: पटना के कंकड़बाग इलाके में स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है. जांच में खुलासा हुआ है कि हॉस्टल के तीसरे फ्लोर पर अनैतिक गतिविधियां चलती थीं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानिए इस घटना की पूरी कहानी.

बिहार की राजधानी पटना का कंकड़बाग इलाका, जो अपनी कोचिंग मंडियों और छात्रों के सपनों के लिए जाना जाता है, आज एक शर्मनाक और दर्दनाक घटना की वजह से सुर्खियों में है. 'शंभू गर्ल्स हॉस्टल' में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. इस मामले में अब ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर दें. अब एक नए खुलासा सामने आया है कि हॉस्टल के तीसरे फ्लोर पर 'अय्याशी का अड्डा' चलता था. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी कहानी.
हॉस्टल की आड़ में 'गंदा धंधा'?
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, हॉस्टल के भीतर चल रही अनैतिक गतिविधियों की परतें खुलती जा रही हैं. पुलिस ने हॉस्टल के संचालक मनीष रंजन को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि हॉस्टल के तीसरे फ्लोर पर 'अय्याशी का अड्डा' चलता था. पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने तो यहां तक आरोप लगाया है कि हॉस्टल से रसूखदार लोगों को लड़कियां सप्लाई की जाती थीं और मनीष रंजन एक बड़ा सेक्स रैकेट चला रहा था.
मौत या हत्या? पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलटी कहानी
शुरुआत में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और छात्रा के शरीर पर मिले चोट के निशानों ने पूरी कहानी पलट दी है. अब यह दावा किया जा रहा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक गंभीर आपराधिक वारदात है.
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जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
मोबाइल लोकेशन का राज: जिस दिन (5 जनवरी) छात्रा जहानाबाद से पटना लौट रही थी, उसी रूट पर आरोपी मनीष रंजन का मोबाइल लोकेशन भी पाया गया है.
फरार मकान मालिक: बिल्डिंग की मालकिन नीलम अग्रवाल और उनके दो बेटे फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.
सिस्टम पर सवाल: मानवाधिकार अधिवक्ता सुबोध कुमार झा ने आरोप लगाया है कि किसी रसूखदार व्यक्ति को बचाने के लिए सच को दबाने की कोशिश हो रही है. उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को पत्र भी लिखा है.
असुरक्षित हैं पटना के गर्ल्स हॉस्टल?
इस घटना ने पटना में चल रहे तमाम गर्ल्स हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. अधिकांश हॉस्टलों में न तो सुरक्षा गार्ड हैं और न ही सीसीटीवी कैमरे सही ढंग से काम कर रहे हैं. बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं. शंभू गर्ल्स हॉस्टल का यह मामला अब सिर्फ एक छात्रा की मौत की जांच नहीं, बल्कि पटना के कोचिंग हब की चमक-धमक के पीछे छिपे काले सच की पड़ताल बन गया है.










