बिहार के जमुई में शर्मसार करने वाली घटना के आरोपी हरेराम यादव की कोर्ट में पेशी के दौरान हंगामा हो गया. पेशी के दौरान आरोपी मुंह पर गमछाकर लगाकर निकल रहा था. तभी एक अधिवक्ता ने उसे थप्पड़ जड़ दिया. आरोपी को थप्पड़ मारने वाले वकील का नाम आकाश पांडे है. इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके तुरंत बाद मीडिया ने वकील से बातचीत की.
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"गोली मार देनी चाहिए..."- वकील ने ऐसा क्यों कहा ?
मीडिया से बातचीत करते हुए अधिवक्ता आकाश पांडे ने आरोपी पर अपना गुस्सा जाहिर किया. जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने आरोपी को थप्पड़ क्यों मारा, तो उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "जैसा उसने कृत्य किया है, उसके लिए तो थप्पड़ क्या, उसे गोली मार देनी चाहिए. उसने जो किया है, उससे पूरा जमुई शर्मिंदा है. यह सिर्फ एक चाटा नहीं है, बल्कि उसने जो घिनौना काम किया है, यह पूरे पुरुष समाज के मुंह पर चाटा था, जिसे हमने वापस किया है."
'कानून से पहले हम एक इंसान हैं'- आकाश पांडे
कानून हाथ में लेने और एक अधिवक्ता होने के सवाल पर आकाश पांडे ने बेहद तल्ख लहजे में जवाब दिया. उन्होंने कहा, "अधिवक्ता होने से पहले हम एक इंसान भी हैं और हमारे अंदर भी इंसानियत है. अगर किसी बहन-बेटी के साथ ऐसा कृत्य होगा, तो हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे." जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें कानून हाथ में लेने का डर नहीं है, तो उन्होंने साफ कहा कि इस हरकत के लिए कानून उन्हें जो भी सजा देगा, वे उसे भुगतने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
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समाज में ऐसे कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं
वकील ने आगे कहा कि आरोपी द्वारा किया गया कृत्य पूरी तरह से निंदनीय है और कोई भी सभ्य समाज इसे कभी स्वीकार नहीं कर सकता. घटना के प्रति लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि जमुई में हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी और आरोपियों की गिरफ्तारी की थी. इसमें एक आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर किया गया. उसके पैर में गोली लगी तब जाकर पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाई.
ध्यान देने वाली बात है कि मामले में घटना का वीडियो वायरल करने वाले 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी कमान जमुई एसडीपीओ (SDPO) को दी गई है.
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