क्या सच में सस्ती और बेहतर है Bharat Taxi? कैसे खा जाएगा Ola-Uber का मार्केट?

कीर्ति राजोरा

• 12:56 PM • 06 Feb 2026

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सहकारी मॉडल पर आधारित भारत टैक्सी सेवा लॉन्च की है, जो जीरो कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग के साथ Ola-Uber को चुनौती देने की तैयारी में है. सरकार का दावा है कि इससे ड्राइवरों की कमाई बढ़ेगी और यात्रियों को सस्ती व पारदर्शी राइड सुविधा मिल सकेगी.

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देश के प्राइवेट ट्रांसपोर्ट सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में सहकारी मॉडल पर आधारित देश की पहली राइड हेलिंग सेवा Bharat Taxi की शुरुआत की है. माना जा रहा है कि यह प्लेटफॉर्म Ola, Uber और Rapido जैसी कंपनियों को सीधी चुनौती देगा. सरकार का दावा है कि इस नई सेवा से ड्राइवरों का शोषण कम होगा और उनकी कमाई बढ़ेगी. सबसे खास बात यह है कि भारत टैक्सी जीरो कमीशन मॉडल पर काम करेगी. जहां दूसरी कंपनियां ड्राइवरों से करीब 25 से 30 प्रतिशत तक कमीशन लेती हैं, वहीं इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवर अपनी पूरी कमाई अपने पास रख सकेंगे. हालांकि ऐप इस्तेमाल करने के लिए उन्हें हर राइड पर लगभग 30 रुपये का शुल्क देना होगा.

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यात्रियों के लिए भी यह सेवा राहत लेकर आने वाली बताई जा रही है. पीक आवर्स, ट्रैफिक या बारिश के समय किराया बढ़ाने यानी सर्ज प्राइसिंग का सिस्टम यहां लागू नहीं होगा. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि अन्य ऐप्स के मुकाबले किराया करीब 30 प्रतिशत तक सस्ता हो सकता है. साथ ही किराया तय करने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी रखने की बात कही गई है. भारत टैक्सी को सहकार टैक्सी कॉरपोरेटिव लिमिटेड संचालित कर रही है जिसमें ड्राइवर सिर्फ कर्मचारी नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार भी हैं. उन्हें सारथी कहा जा रहा है. इस पहल को अमूल, इफको और नाबार्ड समेत आठ बड़े सहकारी संगठनों का समर्थन मिला है.
 

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ड्राइवरों के लिए कई सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की भी घोषणा की गई है. हर सारथी को 5 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर मिलेगा. इसके अलावा रिटायरमेंट सेविंग और पेंशन जैसी योजनाएं भी जोड़ी गई हैं. बाइक दीदी पहल के तहत 150 से ज्यादा महिला ड्राइवर पहले ही इस सेवा से जुड़ चुकी हैं.
 

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अब तक इस प्लेटफॉर्म से 3 लाख से अधिक ड्राइवर जुड़ चुके हैं और रोजाना 10 हजार से ज्यादा राइड्स हो रही हैं. दो महीने के सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद भारत टैक्सी फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के अहमदाबाद व राजकोट में पूरी तरह सक्रिय है. सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में इसे देश के बड़े शहरों और जिला मुख्यालयों तक पहुंचाने का है. इस ऐप के जरिए यात्री कैब, ऑटो और बाइक तीनों सेवाएं बुक कर सकते हैं. भारत टैक्सी का मोबाइल ऐप लाइव हो चुका है और इसे Play Store या App Store से डाउनलोड किया जा सकता है. वहीं ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए अलग ड्राइवर ऐप डाउनलोड करना होगा.
 

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दरअसल, सर्ज प्राइसिंग लंबे समय से यात्रियों की शिकायत का कारण रही है. मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइन 2025 के तहत सरकार ने कैब एग्रीगेटर्स को पीक समय में बेस किराए से दोगुना तक वसूलने की अनुमति दी थी, जिसके बाद किराए और बढ़ गए. अब सरकार इसी समस्या का विकल्प देने की कोशिश कर रही है.
 

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फिलहाल राइड हेलिंग बाजार में Uber करीब 50% मार्केट शेयर के साथ आगे है, जबकि Ola के पास लगभग 30 से 34% हिस्सेदारी है. Rapido ने भी तेजी से बढ़त बनाई है और करीब 20% बाजार पर कब्जा कर लिया है. ऑटो कैटेगरी में भी कड़ी टक्कर है. Uber के पास लगभग 40%, Rapido के पास 31% और Ola के पास 26% शेयर बताया जाता है.
 

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रेवेन्यू की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में Ola का राइड हेलिंग रेवेन्यू करीब 10,761 करोड़ रुपये रहा, जबकि Uber इंडिया का मोबिलिटी रेवेन्यू लगभग 807 करोड़ रुपये था, जिसमें सालाना 19% की बढ़त दर्ज की गई. अनुमान है कि 2026 तक भारत का राइड हेलिंग मार्केट करीब दो लाख करोड़ रुपये का हो सकता है.
 

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ऐसे में भारत टैक्सी की एंट्री इस तेजी से बढ़ते बाजार में नया समीकरण बना सकती है. अब देखना होगा कि यह सहकारी मॉडल यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है और क्या यह वाकई मौजूदा दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे पाता है.
 

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