Budget 2026: दवाएं, फोन और CNG.... जानें बजट 2026 में क्या हुआ सस्ता, क्या महंगा?
न्यूज तक डेस्क
• 04:36 PM • 01 Feb 2026
Budget 2026 Mein Kya Sasta Hua: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश करते हुए स्वास्थ्य और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बड़ा दांव खेला है. बजट में दवाएं, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आदि सस्ते किए गए हैं, जबकि शराब और शेयर बाजार में निवेश करने वालों पर टैक्स का बोझ बढ़ाया गया है.
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Budget 2026 Cheap Items: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मता सीतारमण ने लोगसभा में 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया है. सरकार का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना और देश में निर्माण कार्य यानी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है.बजट में जहां कुछ दैनिक उपयोग की चीजों के दाम कम किए गए हैं, वहीं कुछ क्षेत्रों में टैक्स बढ़ाकर खजाना भरने की कोशिश भी की गई है. ऐसे चलिए जानते हैं वो कौन कौन सी चीजें हैं जो सस्ती हुई हैं.

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दवाओं की कीमतों में आएगी भारी गिरावट
सरकार ने इस बार बायो-फार्मा सेक्टर के लिए बड़े ऐलान किए हैं. देश में दवाओं के क्लिनिकल ट्रायल और रिसर्च को तेज करने के लिए 1,000 नई टेस्टिंग साइट्स का नेटवर्क बनाया जाएगा. इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा क्योंकि शुगर और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की दवाएं अब पहले के मुकाबले सस्ती मिलेंगी.
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गैजेट्स के शौकीनों और खिलाड़ियों की हुई चांदी
अगर आप नया स्मार्टफोन या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए भी खुश खबरी है. इस में बजट मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान पर राहत दी गई है. इसके अलावा माइक्रोवेव और सोलर पैनल के दाम भी घटेंगे. खेल कूद को बढ़ावा देने के लिए स्पोर्ट्स आइटम पर लगने वाले टैक्स में कटौती की गई है. साथ ही लेदर के जूते और चप्पलों की कीमतों में भी कमी देखने को मिलेगी.

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प्रदूषण मुक्त सफर और ई-वाहनों पर जोर
पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने ग्रीन एनर्जी पर फोकस किया है. इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी सस्ती होने से अब ई-स्कूटर और कार खरीदना आसान होगा. इसके साथ ही बायोगैस और सीएनजी के दामों में भी कमी की गई है. इतना ही नहीं जो लोग घूमने के शौकीन हैं उनके लिए विदेश यात्रा भी अब सस्ती हो गई है.
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शराब और शेयर बाजार में निवेश हुआ महंगा
कुछ चीजों में राहत देने के साथ सरकार ने कुछ चीजों पर टैक्स का बोझ भी बढ़ाया है. इसी के तहत शराब पर कर (टैक्स) बढ़ाने का फैसला लिया गया है. ऐसे में शारब पीने के शौकीनों लोगों को अपनी जेब ज्यादा ढीली होगी. वहीं शेयर बाजार में फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) में ट्रेडिंग करने वालों पर टैक्स का भार बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा उद्योगों में इस्तेमाल होने वाले स्क्रैप और खनिजों पर शुल्क बढ़ने से कुछ औद्योगिक वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है.

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संतुलित बजट से विकास को मिलेगी रफ्तार
कुल मिलाकर देखा जाए तो वित्त वर्ष 2026-27 का बजट संतुलन बनाने वाला है. एक तरफ जहां कैंसर के मरीजों और आम उपभोक्ताओं को राहत दी गई है, वहीं दूसरी तरफ कुछ सेक्टर से टैक्स वसूलकर देश के विकास के लिए पैसा जुटाने का इंतजाम किया गया है.
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