फोन खरीदने वाले 12 सितंबर तक रुकें! वजह जानकर आप भी खरीदारी टाल देंगे
न्यूज तक डेस्क
• 12:27 PM • 05 Sep 2026
स्मार्टफोन खरीदने वालों को 12 सितंबर तक इंतजार करने की सलाह दी जा रही है. GST काउंसिल फोन पर GST को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने पर विचार कर सकती है. अगर फैसला होता है तो बजट स्मार्टफोन सस्ते हो सकते हैं. हालांकि अंतिम कीमत कंपनियों के फैसले और संभावित GST कटौती के दायरे पर निर्भर करेगी.
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अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो कुछ दिन इंतजार करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. टेक एक्सपर्ट्स और स्मार्टफोन इंडस्ट्री की नजर अब 12 सितंबर पर टिकी है. माना जा रहा है कि इस तारीख के आसपास स्मार्टफोन पर लगने वाले GST को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है. मौजूदा समय में स्मार्टफोन पर 18 फीसदी GST लगता है. सरकार इस दर को घटाकर 5 फीसदी करने पर विचार कर सकती है. अगर GST काउंसिल की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो नए फोन खरीदने वालों को कीमत में राहत मिलने की उम्मीद है.


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स्मार्टफोन बाजार में आई सुस्ती
भारत का स्मार्टफोन बाजार पिछले कुछ समय से दबाव में है. अप्रैल से जून के बीच देश में स्मार्टफोन शिपमेंट में करीब 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. महंगे होते फोन और ग्राहकों के सीमित बजट का असर बाजार की मांग पर भी दिखाई दे रहा है. इसी बीच GST में कटौती की संभावित खबर ने ग्राहकों की उम्मीद बढ़ा दी है. अगर टैक्स कम होता है तो आने वाले फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन की बिक्री को भी सहारा मिल सकता है.
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15-20 हजार वाला फोन अब 25-30 हजार तक पहुंचा
स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण मेमोरी चिप्स की बढ़ती लागत बताई जा रही है. दुनियाभर में RAM और स्टोरेज की कीमतों में तेजी आई है. इसका सीधा असर मोबाइल कंपनियों की उत्पादन लागत पर पड़ा है. शाओमी, वीवो, ओपो और सैमसंग जैसे ब्रैंड्स के कई ऐसे मॉडल अब 25 से 30 हजार रुपये के आसपास पहुंच गए हैं, जो पहले करीब 15 से 20 हजार रुपये की कीमत में उपलब्ध थे. इसके अलावा 1 सितंबर से कई कंपनियों ने अपने स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की है. कुछ मॉडल्स पर कीमत करीब 10 हजार रुपये तक बढ़ने की बात सामने आई है. इससे 20 हजार रुपये के बजट में फोन तलाशने वाले ग्राहकों को अब 30 से 35 हजार रुपये तक खर्च करना पड़ सकता है.


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मेमोरी चिप की कीमत क्यों बढ़ रही है?
स्मार्टफोन महंगे होने के पीछे सिर्फ कंपनियों की कीमत नीति जिम्मेदार नहीं है. ग्लोबल मार्केट में मेमोरी चिप्स की मांग काफी बढ़ी हुई है. मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों को बड़े स्तर पर एडवांस ऑर्डर मिल रहे हैं. मांग ज्यादा होने की वजह से स्मार्टफोन कंपनियों के लिए चिप्स की लागत बढ़ गई है. जब उत्पादन खर्च बढ़ता है तो उसका असर आखिरकार फोन की खुदरा कीमत पर भी दिखाई देता है.
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12 सितंबर के बाद क्या हो सकता है?
अगर GST काउंसिल स्मार्टफोन पर टैक्स को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने को मंजूरी देती है तो इसका असर आने वाले त्योहारी सीजन में दिखाई दे सकता है. ग्राहकों को कुछ मॉडल पहले की तुलना में कम कीमत में मिल सकते हैं. हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि संभावित GST कटौती का दायरा 25 हजार रुपये तक की कीमत वाले स्मार्टफोन तक सीमित हो सकता है. अगर ऐसा हुआ तो बजट और लोअर मिड-रेंज स्मार्टफोन खरीदने वालों को ज्यादा फायदा मिलेगा. वहीं मिड-प्रीमियम और प्रीमियम सेगमेंट के फोन की कीमतों पर इसका असर सीमित रह सकता है.


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GST घटा तो क्या फोन तुरंत सस्ते होंगे?
GST कम होने का मतलब यह जरूरी नहीं है कि हर स्मार्टफोन की कीमत उसी अनुपात में घट जाएगी. अंतिम फायदा कंपनियों के फैसले पर भी निर्भर करेगा. अगर कंपनियां टैक्स में हुई कमी का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाती हैं तो फोन की कीमत कम हो सकती है. लेकिन अगर कंपनियां अपनी मार्जिन बढ़ाने के लिए इस राहत का कुछ हिस्सा अपने पास रखती हैं तो ग्राहकों को सीमित फायदा ही मिलेगा. फिर भी स्मार्टफोन बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ग्राहकों के पक्ष में जा सकती है. बजट सेगमेंट में नए ब्रैंड्स और मॉडल्स की एंट्री हो रही है. ऐसे में कंपनियों पर कीमत प्रतिस्पर्धी रखने का दबाव बढ़ेगा. यही वजह है कि अगर GST में कटौती होती है तो कंपनियों के बीच प्राइस वॉर तेज हो सकता है. इसका फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जो फेस्टिव सीजन में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं.
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