Gold Silver Rate Update: सोना हुआ सस्ता और चांदी हुई धड़ाम, एक्सपर्ट्स ने बताया- आगे कैसा रहने वाला है भाव !

Sona Chandi ka Bhav 23 April: सोने और चांदी की कीमतों में गुरुवार को भारी गिरावट दर्ज की गई है, जानें IBJA के ताजा रेट्स और कमोडिटी एक्सपर्ट्स की वो चेतावनी, जो निवेशकों और शादियों के सीजन में खरीदारी करने वालों के लिए बेहद जरूरी है. क्या भविष्य में भाव और गिरेंगे या फिर से आएगी तेजी? पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

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आने वाले दिनों में कैसा रहने वाला है सोने-चांदी का भाव.

सौरभ दीक्षित

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सोने चांदी पर एक बड़ी खबर सामने आई है. गुरुवार को सोने-चांदी के भाव में पिछले दिनों के मुकाबले बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. IBJA (इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन) की तरफ से गुरुवार दोपहर 12 बजे जारी ताजा रेट के मुताबिक 24 कैरेट सोने भाव 1000 रुपए तक गिरकर 1,51,189 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ चुका है. वहीं चांदी के भाव में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है. चांदी 4000 रुपए से ज्यादा सस्ती होकर 2,43,937 रुपए प्रति किलो के भाव ट्रेड कर रही है. ध्यान देने वाली बात है कि बुधवार शाम को 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,52,116 रुपए और चांदी 2,48,682 प्रति किलो पर था. 

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सोने-चांदी में हिचकोले के बीच निवेशकों और खरीदारों के मन में एक चिंता है. निवेशक ये सोच रहे हैं कि क्या भविष्य में सोने-चांदी का भाव और बढ़ेगा या हो जाएगा धड़ाम. वहीं शादियों के सीजन में खरीदारों के मन में भी यही सवाल है कि सोना-चांदी सस्ता होगा या और महंगा हो जाएगा. खरीदारी कब करना फायदे का सौदा होगा? इसी बीच कमोडिटी एक्सपर्ट ने सोने-चांदी के भावों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. 

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?  

एक्सपर्ट का कहना है कि गोल्ड सिल्वर के टेक्निकल चार्ट ने कई संकेत दिए हैं. मौजूदा वक्त में सोने और चांदी की कीमतें अपने ऑल टाइम हाई लेवल से काफी नीचे चल रही हैं. एक्सपर्ट ने क्या चेतावनी दी है आने वाले दिनों में सोने-चांदी दोनों में जोरदार उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है. सोना और चांदी अभी ऐसी हालत में हैं जहां हर नई खबर इनके भाव को ऊपर नीचे कर रही है.

पिछले हफ्ते की बात करें तो सोने की कीमत एकदम उछल गई. करीब 2.1 फीसदी की तेजी आई और कीमत बढ़कर करीब $4838 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई. वजह ईरान ने संकेत दिया कि होर्मुज पूरी तरह खुला है. इससे डॉलर कमजोर हुआ और बॉन्ड यील्ड नरम पड़ी. ये दोनों चीजें आमतौर पर सोने के लिए अच्छी मानी जाती हैं. इसके साथ बड़े निवेशकों ने भी सोने पर दांव बढ़ा दिया. गोल्ड में बुलिश दांव चार हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया.

वहीं चांदी में बारह हफ्ते का हाई देखा गया, लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी. कुछ ही वक्त बाद सोने में जोरदार गिरावट भी देखी गई. सोने में करीब 3.1 फीसदी तक गिरावट आई और कीमत फिसलकर 4720 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई. क्योंकि युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता बनी रही. डॉलर मजबूत हुआ. बॉन्ड यील्ड बढ़ी और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहीं. तेल महंगा रहने से महंगाई का डर बना रहता है और इससे अमेरिकी फेड की ब्याज दर कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ती है. 

तो क्या सोने-चांदी और सस्ता होगा?  

सोना अभी भी युद्ध के समय बने अपने पीक लेवल से करीब 10 से 11 फीसदी नीचे हैं. मतलब बाजार अभी रेंज में घूम रहा है और खबरों के हिसाब से ऊपर नीचे हो रहा है. अब गोल्ड ETF की बात करें तो एक ही दिन में गोल्ड ETF में करीब 63 हजार औंस का पैसा आया. लगातार 5 दिन से निवेश आ रहा है. इसका मतलब बड़े संस्थागत निवेशक अभी भी सोने में भरोसा दिखा रहे हैं. लेकिन चांदी में थोड़ा अलग खेल दिखा. सिल्वर ETF से करीब 17 हजार औंस पैसा निकला है और साल की शुरुआत से कुल बिकवाली 7.3 फीसदी रही है. मतलब चांदी में अभी ट्रेडर ज्यादा एक्टिव हैं. ऐसे में सबसे जरूरी सवाल कि आगे क्या होगा. 

पहले सोने की बात करते हैं तो इस वक्त स्पॉट गोल्ड करीब 4755 डॉलर पर है. सपोर्ट जोन बताया गया है 4300 से 4450 डॉलर. मतलब अगर गिरावट आती है तो यहां खरीदारी आ सकती है. ऊपर रेजिस्टेंस 4950 से 5000 डॉलर है. मतलब तेजी आई तो यहां रुकावट आ सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म में सोना 4300 से 5000 डॉलर के बड़े दायरे में घूम सकता है. 

अब बात चांदी की कर लें तो स्पॉट सिल्वर करीब 78 अठहत्तर डॉलर पर है. नीचे सपोर्ट 75 पचहत्तर डॉलर और 67 अड़सठ डॉलर बताया गया है. ऊपर रेजिस्टेंस 84 चौरासी डॉलर और 91 इक्यानवे डॉलर है. मतलब अगर तेजी बनी तो चांदी सोने से ज्यादा तेज भाग सकती है, क्योंकि चांदी में सप्लाई की कमी है. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में करीब 46.3 मिलियन औंस की कमी रह सकती है. ये लगातार छठा साल होगा जब बाजार में डेफिसिट रहेगा. साथ ही चांदी की मांग सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स में भी बढ़ रही है. करीब 20 प्रतिशत सालाना मांग सिर्फ सोलर सेक्टर से आती है. यानी चांदी सिर्फ निवेश धातु नहीं बल्कि इंडस्ट्रियल धातु भी है. 

तो कुल मिलाकर सोना अभी खबरों पर चलेगा. डॉलर, फेड, युद्ध, तेल इन सबका असर पड़ेगा, लेकिन चांदी में ऊपर जाने की ताकत ज्यादा दिख रही है. क्योंकि मांग मजबूत है और सप्लाई कम है. अगर आप निवेशक हैं तो आने वाले दिन बेहद जोखिम भरे भी हो सकते हैं. 

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