सीनियर सिटीजन अपना एकमुश्त पैसा किसी स्कीम में लगाकर हर महीने एक अच्छी रकम ब्याज के रूप में पाना चाहते हैं. रोजमर्रा की छोटी-मोटी जरूरतों में ये पैसे बड़े काम आते हैं और बुढ़ापे का सहारा भी बनते हैं. बुजुर्गों का लक्ष्य होता है, एकमुश्त राशि बैंक में सुरक्षित रहे और उसके ब्याज से जीवन की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा किया जा सके. इसके लिए सबसे जुबान पर जो स्कीम आती है वो है- FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट. मंथली इनकम के लिए पोस्ट ऑफिस की POMIS (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम) की तरफ भी कुछ लोग चले जाते हैं. पर एक योजना जो केवल बुजुर्गों के लिए है इसपर अधिकांश लोगों का ध्यान नहीं जाता और वो शानदार रिटर्न पाने से चूक जाते हैं.
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अब FD या POMIS में पैसे लगाकर आप हर महीने बेहतर रिटर्न पाने से लगातार चूक रहे होते हैं. यदि 5 साल की बात करें तो ये अंतर और भी बड़ा हो जाता है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है ब्याज दर. SCSS योजना में शानदार ब्याज दर ऑफर किया जाता है. ये फिलहाल 8.2 फीसदी सालाना है. वहीं FD में ये 6.5 फीसदी के करीब है. कुछ बैंक तो इससे भी कम ब्याज दर ऑफर करते हैं. जहां तक POMIS का सवाल है तो इसमें ब्याज दर 7.4 के आसपास है. इस खबर में SCSS, FD और POMIS की तुलना करके हम आपको बताएंगे कि बुजुर्गों की एकमुश्त रकम पर शानदार रिटर्न के लिए कौन सी योजना बेहतर और सेफ रहेगी.
SCSS स्कीम क्या है ?
पहले सीनियर सिटीजन के लिए लोकप्रिय स्कीम SCSS को समझ लेते हैं. केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना है. ये स्कीम वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए है. इसपर फिलहाल 8.2% वार्षिक ब्याज मिल रहा है. वरिष्ठ नागरिकों के नियमित आय के लिए ये योजना चलाई जा रही है. यानी वे वरिष्ठ नागरिक जिनके पास एकमुश्त राशि है और वे इस पैसे की बदौलत रेग्युलर इनकम करना चाहते हों और अपने बचत के पैसे को भी सुरक्षित रखना चाहते हों उनके लिए ये योजना काफी मुफीद है. इसमें न्यूनतम 1000 रुपए और अधिकतम 30 लाख रुपए है.
फिलहाल इसपर ब्याज दर 8.2 फीसदी के करीब है. इस योजना में पैसे को 5 साल के लिए फिक्स करना होता है. 5 साल के बाद इसे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है. यदि आप बढ़ाना चाहते हैं तो इसका निर्णय पहले ही लेना पड़ता है. यानी मैच्योरिटी के 1 साल के भीतर ही आवेदन करना होगा वरना मैच्योरिटी के बाद पैसे निकालने होंगे.
FD और POIMS भी जान लेते हैं
एफडी यानी फिक्स्ड डिपॉजिट जिसे किसी निश्चित अवधि के लिए फिक्स्ड कर दिया जाए. जानिए इसकी खास बातें:
लचीलापन (Flexibility): एफडी में निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार अवधि (7 दिन से लेकर 10 साल या उससे अधिक) चुन सकते हैं. इसके अलावा, जमा राशि की कोई अधिकतम सीमा नहीं होती है.
ब्याज भुगतान के विकल्प: इसमें मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना ब्याज भुगतान का विकल्प मिलता है, जिससे नियमित आय चाहने वाले निवेशकों (जैसे वरिष्ठ नागरिकों) को बहुत मदद मिलती है.
कम्युलेटिव एफडी (Cumulative FD): यदि निवेशक बीच में ब्याज नहीं लेते हैं और उसे एफडी में ही रहने देते हैं, तो उसपर चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) का लाभ मिलता है, जिससे मेच्योरिटी पर एक बड़ा फंड तैयार होता है.
POMIS (पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम)
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS) एक सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली बचत योजना है. इसे भारतीय डाक विभाग संचालित करता है. इसमें आप एकमुश्त पैसा निवेश करके हर महीने एक निश्चित इनकम ब्याज के रूप में ले सकते हैं. यह बिना जोखिम वाली योजना है, जो मुख्य रूप से रिटायर्ड लोगों, गृहणियों को टारगेट करता है. इसमें निवेश की न्यूनतम सीमा 1000 रुपए और अधिकतम सीमा 9 लाख रुपए है. हालांकि संयुक्त रूप से तीन लोग मिलकर 15 लाख रुपए अधिकतम निवेश कर सकते हैं. ध्यान देने वाली बात है कि संयुक्त रूप से निवेश करने वाले लोगों में ब्याज की रकम बंट जाती है. इसमें ब्याज दर फिलहाल 7.4 फीसदी के आसपास है. सरकार इसे हर तीन महीने में संशोधित करती है.
SCSS, FD और POMIS में अंतर
| विशेषता | SCSS | FD | POMIS |
| ब्याज दर | 8.2% सालाना | 5- 7 फीसदी वार्षिक (अलग-अलग बैंक में अलग) | 7.4 फीसदी के करीब वार्षिक |
| अवधि | 5 वर्ष + 3 साल तक बढ़ा सकते हैं | 7 दिन से 10 साल तक | 5 साल तक |
| न्यूनतम निवेश | 1,000 रुपए | 1,000 रुपए | 1,000 रुपए |
| अधिकतम निवेश | 30 लाख रुपए | कोई सीमा नहीं | व्यक्तिगत: 9 लाख रुपए संयुक्त: 15 लाख रुपए |
| ब्याज का भुगदान | तिमाही | मासिक/तिमाही/छमाही या वार्षिक | मासिक |
| टैक्स से छूट | धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक | 5 साल की FD पर 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक | नहीं |
| मैच्योरिटी से पहले निकासी | 1 साल के बाद जुर्माने के साथ | बैंक के अनुसार | 1 साल के बाद जुर्माने के साथ |
SCSS से जुड़ने की योग्यता
अगर आप या आपके परिवार में कोई बुजुर्ग इस योजना में निवेश करने का विचार कर रहे हैं, तो इसके नियम, पात्रता की पूरी डिटेल जान लीजिए.
1. कौन खोल सकता है खाता? (पात्रता)
सामान्य आयु सीमा: 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिक इस योजना के पात्र हैं.
वीआरएस (VRS) लेने वाले कर्मचारी: 55 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम आयु के ऐसे नागरिक जिन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) या नियमानुसार रिटायरमेंट लिया है, वे भी खाता खुलवा सकते हैं.
सेवानिवृत्त रक्षाकर्मी: रक्षा सेवा से जुड़े कर्मचारी विशेष नियमों के तहत 50 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
अपात्र: अप्रवासी भारतीय (NRI), गैर-भारतीय और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के सदस्य इस योजना के तहत खाता नहीं खोल सकते.
2. नॉमिनेशन और खाता संचालन के नियम
नॉमिनी की संख्या: खाताधारक SCSS के तहत 1 से लेकर अधिकतम 4 व्यक्तियों को नॉमिनी बना सकते हैं.
निधन पर भुगतान: बुजुर्ग के निधन के बाद खाते में जमा पूरी राशि और उस पर बनने वाला ब्याज नॉमिनी को दे दिया जाता है.
ज्वाइंट अकाउंट: यदि पति-पत्नी का संयुक्त खाता है और किसी एक का निधन हो जाता है, तो दूसरा जीवित पार्टनर खाते का संचालन जारी रख सकता है. दोनों के निधन के बाद ही पूरी रकम नॉमिनी को ट्रांसफर की जाती है.
अलग-अलग खाता: पति और पत्नी चाहें तो अलग-अलग भी अपना खाता खोल सकते हैं.
एक से अधिक खाते: कोई भी व्यक्ति एक से अधिक खाते खोल सकता है, लेकिन सभी खातों में जमा कुल राशि योजना की अधिकतम निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए.
3. टैक्स में छूट और बजट 2025 में मिला बड़ा तोहफा
धारा 80C के तहत राहत: SCSS में किए गए निवेश पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है.
TDS सीमा में बढ़ोतरी (बजट 2025 अपडेट): पहले एक वित्तीय वर्ष में बुजुर्गों द्वारा जमा की गई राशि पर मिलने वाला ब्याज 50,000 रुपये से अधिक होने पर 10% TDS काटा जाता था. सरकार ने राहत देते हुए इस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया है.
5. खाता कैसे खोलें? (आवश्यक दस्तावेज़)
योग्यता पूरी करने वाले नागरिक किसी भी अधिकृत बैंक या डाकघर (Post Office) में जाकर SCSS खाता खोल सकते हैं. इसके लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी-
पहचान व पता प्रमाण पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी कार्ड.
रिटायरमेंट का प्रमाण: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट का आधिकारिक प्रमाणपत्र.
फोटोग्राफ: आवेदक की नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो.
डिस्क्लेमर: यदि आपकी उम्र 60 साल या इससे ज्यादा है तो आपके लिए SCSS स्कीम फायदे वाला हो सकता है. हालांकि ये खबर केवल आपकी जानकारी को बढ़ाने के लिए दी जा रही है. निवेश से पहले आप एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
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