Pahalgam Terror Attack: बैसरन घाटी में रायपुर के दिनेश के साथ आतंकियों ने क्या-क्या किया? सामने आया ये अपडेट

न्यूज तक डेस्क

24 Apr 2025 (अपडेटेड: Apr 26 2025 11:12 AM)

Pahalgam Terror Attack: इस दर्दनाक हादसे की दास्तां याद कर पूरा परिवार तो पूरा प्रदेश सहमा हुआ है. दिनेश मिरानिया की बेटी लक्षिता तो सदमे में है. 9 साल की लक्षिता के सामने ही ये सब हुआ.

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तस्वीर: न्यूज तक.
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कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए कारोबरी दिनेश मिरानिया का रायपुर में अंतिम संस्कार हो गया. बेटे शौर्य ने पिता को मुखाग्नि दी. दिनेश मिरानिया की अंतिम यात्रा में राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव राय और स्पीकर रमन सिंह मौजूद थे. 

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इस दर्दनाक हादसे की दास्तां याद कर पूरा परिवार तो पूरा प्रदेश सहमा हुआ है. दिनेश मिरानिया की बेटी लक्षिता तो सदमे में है. 9 साल की लक्षिता के सामने ही ये सब हुआ. दरअसल रायपुर के कारोबरी दिनेश मिरानिया और उनकी पत्नी नेहा नेहा मिरानिया का 22 अप्रैल को मैरिज एनिवर्सरी था. बेटा शौर्य बंग्लुरु से छटि्टयां मनाने घर आया था. परिवार का जम्मू-कश्मीर घूमने का प्लान बन गया. योजना के तहत दिनेश, पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ 19 अप्रैल की सुबह जम्मू के लिए रवाना हुए.  

20 को भागवत कथा सुनी

दिनेश पूरे परिवार के साथ जम्मू में अपना रिश्तेदार के यहां गए और 20 अप्रैल दिन सोमवार को परिवार के साथ भागवत कथा में शरीक हुए. मंगलवार को शादी की सालगिरह थी. ऐसे में पूरा परिवार जम्मू से कश्मीर के लिए निकल गया. पहलगाम पहुंचने के बाद सभी बैसरन घाटी पहुंचे. वहां पूरा परिवार नेचरल ब्यूटी को खूब एंजॉय कर रहा था. सभी ने नाश्ता किया. घूमे और खूब सारी फोटोज क्लिक कराई. दोपहर करीब 2 बजकर 45 मिनट पर नेहा वॉशरुम गईं. शौर्य खाने-पीने की चीजें लेने एक स्टॉल पर गए. इधर दिनेश बेटी लक्षित के साथ एक किनारे की तरफ बैठे थे. 

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गोलियां चलने की आवजें आने लगीं

थोड़ी देर में गोलियां चलने की आवाजें आने लगीं. चीख-पुकार मच गई. किसी ने कहा आतंकी हमला हो गया. कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही एक आतंकी दिनेश की तरफ आ गया. ये नजारा देख सांसें थम सी गई. वहां लोगों के हाथ-पैर सुन्न पड़ गए. 

कलमा पढ़ो- एक आतंकी ने आते ही कहा

आतंकी ने दिनेश से कहा- कलमा पढ़ो. सहमते हुए दिनेश ने कहा- मुझे नहीं आता. आतंकी ने उनकी आंखों से चश्मा उतारा और सिर में बंदूक सटाकर गोली मार दी. लक्षिता ये सब देखती रही. पास खड़ा एक शख्स लक्षित को लेकर वहां से भागा ताकि बच्ची को बचाया जा सके. आतंकी ने उसे भी शूट कर दिया. इधर लक्षिता भागती रही और सबसे बिछड़कर एक तरफ जाकर छुप गई. ये बातें नेहा मिरानिया ने भतीजे केशव से बताई थीं. केशव ने दैनिक भास्कर से ये वाकया साझा किया था. 

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आर्मी के जवान आए तो लक्षिता को ढूंढा

घटना के बाद चीख-पुकार मच गई. जगह-जगह लाशें पड़ी थीं.  आर्मी के जवानों ने लक्षिता को संभाला. गोली लगने से बेसुध हो चुके दिनेश को लेकर अस्पताल गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. शादी के सालगिरह के दिन ही नेहा से दिनेश को आतंकियों ने जुदा कर दिया. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. हमले में 28 लोगों की जानें गईं है. करीब 17 लोग घायल हैं. 4 आतंकियों की पहचान कर ली गई  और सेना का ऑपेशन जम्मू में जारी है. 

पूरा देश चाहता है इंसाफ

इधर पूरे देश में आतंकियों की कायराना हरकत को लेकर जबरदस्त उबाल है. पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ देश आर-पार की लड़ाई चाहता है. इस भारत ने मामले के बाद पहला एक्शन लेते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 5 कड़े फैसले लिए हैं. यहां क्लिक करके जानें पाकिस्तान के खिलाफ भारत के 5 कड़े फैसले

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