IPS की ट्रेनिंग खत्म होने से पहले ही 1 करोड़ के घूसकांड में फंसे राहुल बंसल, CBI ने कसा शिकंजा, जानें क्या है ये पूरा मामला

संजय शर्मा

• 01:30 PM • 11 Aug 2026

छत्तीसगढ़ कैडर के ट्रेनी IPS अधिकारी और राजस्थान निवासी राहुल बंसल पर सरगुजा में पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान साइबर फ्रॉड दबाने के एवज में हवाला के जरिए 1 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है.

 IPS राहुल बंसल
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नौकरी की शुरुआत में जहां नए अधिकारी अपनी साख बनाने और ईमानदारी का ठप्पा लगवाने की कोशिश करते हैं, वहीं छत्तीसगढ़ कैडर के एक ट्रेनी IPS अधिकारी ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि अब उन्हें जेल और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. मामला है साल 2022 बैच के आईपीएस और पूर्व इनकम टैक्स इंस्पेक्टर राहुल बंसल का. इनपर सरगुजा (अंबिकापुर) में CSP रहते हुए एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम घूस लेने का सनसनीखेज आरोप लगा है.

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यह पूरा मामला दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल CBI कोर्ट पहुंच चुका है. कोर्ट के जज सुधांशु कौशिक ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और CBI निदेशक से 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) तलब की है.

साइबर फ्रॉड दबाने के लिए लगाया हवाला का रास्ता

मामला मई 2026 का बताया जा रहा है. आरोप हैं कि सरगुजा में अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान आईपीएस राहुल बंसल ने एक साइबर धोखाधड़ी के केस को रफा-दफा करने के लिए 1 करोड़ रुपये की डील की थी. रिश्वत का ये पैसा सीधा न लेकर हवाला के जरिए 50-50 लाख रुपये की दो अलग-अलग किस्तों में ठिकाने लगाया गया. इस खेल में आईपीएस अकेले शामिल नहीं थे. सरगुजा के साइबर थाने के दो अन्य पुलिसकर्मी- ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा भी इस पूरी साज़िश में सह-आरोपी बनाए गए हैं.

व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग बनी गले की फांस

अक्सर कहा जाता है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और इस मामले में शिकायतकर्ता ने कोर्ट के सामने जो सबूत पेश किए हैं वे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं. कोर्ट में डिजिटल साक्ष्य के तौर पर व्हाट्सएप चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग सौंपी गई हैं जो पूरे लेन-देन की पोल खोलती नजर आ रही हैं. 

शिकायतकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत विशेष सीबीआई अदालत में परिवाद दाखिल किया है. मामले में आज यानी 11 अगस्त को अहम सुनवाई तय की गई है. स्पेशल कोर्ट के सख्त तेवरों को देखते हुए साफ है कि जांच एजेंसियों को अब जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी. ट्रेनिंग पीरियड में ही भ्रष्टाचार के ऐसे बड़े कारनामे ने पुलिस महकमे की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना यह होगा कि CBI और पुलिस की रिपोर्ट आने के बाद इस ट्रेनी IPS और उनके सहयोगियों पर कानून का क्या शिकंजा कसता है.

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