Delhi GB Road Kotha 58 Rescue: देश की राजधानी दिल्ली के सबसे कुख्यात इलाके जीबी रोड से एक खौफनाक और दिल नहला देने वाली कहानी सामने आई है. जीबी रोड के कोठा नंबर 58 में नौकरी का झांसा देकर जबरन जिस्मफरोशी के दलदल में धकेली गई दो महिलाओं को कमला मार्केट थाना पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू किया है. इस मामले में पुलिस ने कोठे की देखरेख करने वाली तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
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नौकरी के नाम पर बंगाल से लाकर कोठे पर बेचा
पुलिस के मुताबिक, रेस्क्यू की गई पहली पीड़ित 26 वर्षीय महिला पश्चिम बंगाल की रहने वाली है. मई के महीने में कालू नाम का व्यक्ति उसे नौकरी का झांसा देकर दिल्ली लाया था. दिल्ली पहुंचते ही उसका मोबाइल छीन लिया गया और उसे जीबी रोड के कोठा नंबर 58 में गीता और मंजू नाम की महिलाओं के हवाले कर दिया गया.
करीब तीन महीने तक जुल्म सहने के बाद 25 अगस्त को पीड़िता ने किसी तरह अपनी मां से फोन पर संपर्क किया और अपनी आपबीती सुनाई. मां ने तुरंत दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने कोठे पर छापा मारकर उसे छुड़ाया.
मासूम बेटे को जान से मारने की धमकी देकर कराया धंधा
जब पुलिस पहली महिला को रेस्क्यू कर रही थी, तभी वहां मौजूद एक अन्य महिला ने हिम्मत जुटाकर अपनी कहानी सुनाई. पीड़ित महिला ने बताया कि पति से विवाद के बाद वह अपने 8 साल के मासूम बेटे के साथ घर से निकली थी. रास्ते में मिली एक महिला ने नौकरी दिलाने के नाम पर उसे दिल्ली लाकर गीता के घर रखा.
इसके बाद झाड़ू-पोछा कराने के बहाने उसे कोठा नंबर 58 में ले जाया गया और जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में उतार दिया गया. जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके 8 साल के मासूम बेटे को जान से मारने की धमकी दी. डर के मारे पीड़िता जुल्म सहती रही, जबकि आरोपी उसके बेटे को किसी हॉस्टल में रखकर उसे तीन-चार महीने में केवल एक बार मिलने देते थे.
3 आरोपी महिलाएं गिरफ्तार, जमानत पर थीं बाहर
दिल्ली पुलिस ने दोनों महिलाओं का रेस्क्यू कर उन्हें मेडिकल और काउंसलिंग के लिए एलएनजेपी अस्पताल भेजा है. मौके से पुलिस ने कोठा चलाने वाली तीन महिलाओं—गीता, मंजू और पारो खातून को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 55,000 रुपये नकद, टोकन और एंट्री रजिस्टर बरामद हुए हैं. जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी महिलाएं पहले भी मानव तस्करी के मामलों में शामिल रही हैं और कोर्ट से जमानत पर बाहर थीं. पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और पीड़ित महिला के बच्चे का सुराग लगाने में जुटी हुई है.
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