सावरकर बयान पर फंसे थे राहुल गांधी, अब सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किया केस; जानिए क्या थी वजह

संजय शर्मा

• 01:07 PM • 14 Aug 2026

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी को सावरकर टिप्पणी से जुड़े मानहानि केस में बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने शिकायत और मजिस्ट्रेट का समन रद्द कर दिया. अदालत ने कहा कि मामले में जरूरी सरकारी सैंक्शन मौजूद नहीं था. यह केस 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी की सावरकर पर टिप्पणी से जुड़ा था.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने शुक्रवार, 14 अगस्त को वीर सावरकर से जुड़े उस आपराधिक मानहानि मामले को रद्द कर दिया, जिसमें उन्हें लखनऊ की अदालत ने समन भेजा था. मामला उत्तर प्रदेश में दर्ज हुआ था.

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सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज शिकायत और मजिस्ट्रेट के समन आदेश, दोनों को खारिज कर दिया. कोर्ट ने साफ कहा कि इस मामले में जिस सरकारी सैंक्शन की जरूरत थी, वह मौजूद नहीं था. ऐसे में इस केस को आगे नहीं चलाया जा सकता.

यूपी सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में भी इस जरूरी सैंक्शन का कोई जिक्र नहीं था. इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने पूरी कार्यवाही खत्म कर दी.

क्या है पूरा मामला?

अब थोड़ा पीछे चलते हैं. मामला साल 2022 का है. राहुल गांधी उस समय 'भारत जोड़ो यात्रा' पर थे. महाराष्ट्र के अकोला में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वीर सावरकर को लेकर टिप्पणी की थी. राहुल गांधी ने सावरकर को लेकर कहा था कि उन्होंने अंग्रेजों की मदद की और अंग्रेजों से पेंशन ली.

राहुल गांधी के इस बयान पर वकील नृपेंद्र पांडे ने उत्तर प्रदेश की अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से समाज में नफरत और दुश्मनी फैल सकती है. इसके बाद लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था. मामले में IPC की धारा 153A और 505 के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी.

मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा?

राहुल गांधी ने निचली अदालत के समन को चुनौती दी. मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली. इसके बाद राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे.

अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राहुल गांधी की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई थी. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा था कि स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर आगे ऐसी टिप्पणी की गई तो वह खुद संज्ञान लेकर कार्रवाई कर सकता है.

हालांकि, उसी सुनवाई में कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. अब सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम तौर पर इस मामले में शिकायत और मजिस्ट्रेट का समन आदेश ही रद्द कर दिया है. यानी सावरकर टिप्पणी से जुड़े उत्तर प्रदेश के इस केस में राहुल गांधी को बड़ी कानूनी राहत मिल गई है.

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