Swatantra Bhardwaj Case:कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट और विवादित बयानबाजी मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा शनिवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद रविवार को उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को 1 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अब मामले की सुनवाई आज होनी है.
ADVERTISEMENT
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी, वकीलों ने उठाए सवाल
रविवार को पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट के सामने पेश किया. वहीं, इस पेशी की प्रक्रिया पर उनके वकीलों की टीम ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं. एडवोकेट पीयूष जैन का कहना है कि पुलिस ने इस मामले में एक बार फिर गुपचुप तरीके से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल किया है. उन्होंने पुष्टि की कि सोमवार को नामित SC-ST अदालत के समक्ष स्वतंत्र भारद्वाज को पेश किया जाएगा, जहां आगे की सुनवाई होगी.
जान का खतरा और राजनीतिक दबाव का आरोप
स्वतंत्र भारद्वाज के दूसरे एडवोकेट उमेश शर्मा ने उनकी जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन और राजनीतिक दबाव पर गंभीर आरोप लगाए हैं. वकील का कहना है कि विरोधी पक्ष की मौजूदगी और मौजूदा माहौल को देखते हुए कोर्ट में दलील दी जाएगी कि उनके मुवक्किल की जान को गंभीर खतरा है. वकीलों की टीम इस मामले को चीफ जस्टिस और संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाएगी ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें बलि का बकरा न बनाया जाए.
वायरल पोडकास्ट वीडियो के बाद बढ़ा शिकंजा
स्वतंत्र भारद्वाज पर दिल्ली पुलिस का शिकंजा 3 सितंबर को एक पोडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कसा. इस वीडियो में वे कथित तौर पर जंतर-मंतर पर एक व्यक्ति के सिर पर कड़े से वार करने और उसे कई टांके आने का दावा करते नजर आए थे. इसके बाद पुलिस ने पुरानी एफआईआर में एससी-एसटी एक्ट की सख्त धाराएं जोड़ दी हैं. साथ ही उनके खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक नया मामला भी दर्ज किया गया है. फिलहाल उन्हें कोर्ट से राहत नहीं मिली है.
यह भी पढ़ें: स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार? अब सामने आई पूरी कहानी
ADVERTISEMENT


