Nishu Azad Case: गाजियाबाद की रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्टिविस्ट निशु आजाद (Nishu Azad) इन दिनों जबरदस्त सुर्खियों में हैं. 23 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान उनके पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट और उसके बाद सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों के खिलाफ निशु आजाद ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था.
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4 सितंबर को नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद, सीजेपी नेताओं और समर्थकों के साथ निशु आजाद खुद दिल्ली के संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) थाने पहुंचीं. थाने में तकरीबन 2 घंटे तक चली बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों ने 72 घंटे के भीतर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था. हालांकि, जनदबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने आश्वासन के कुछ ही घंटों बाद आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया.
कौन हैं गाजियाबाद की निशु आजाद?
निशु आजाद गाजियाबाद की रहने वाली हैं और सोशल मीडिया पर एक्टिविस्ट व इन्फ्लुएंसर के तौर पर जानी जाती हैं. वे छात्रों और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखती हैं.
जंतर-मंतर पर क्या हुआ था? निशु की जबानी पूरी आपबीती
दिल्ली तक से खास बातचीत में निशु आजाद ने 23 जून की घटना का सिलसिलेवार ब्योरा दिया:
वीडियो रिकॉर्डिंग पर विवाद: निशु ने बताया कि वे और उनके पिता जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन में शामिल होने गए थे. जब उनके पिता अपने फोन से निशु की तरफ एंगल करके वीडियो बना रहे थे, तब वहां मौजूद कुछ लड़कों को लगा कि उनका वीडियो बनाया जा रहा है.
सिर पर कड़े/धारदार हथियार से हमला: विवाद बढ़ने पर आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके पिता के कैमरे पर हाथ मारा और हाथ में पहने धारदार कड़े/हथियार से उनके पिता के सिर पर हमला कर दिया. इस हमले में उनके पिता के सिर से खून बहने लगा और उन्हें अस्पताल में 7 टांके आए.
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'डीएम में गंदे स्टिकर्स और रेप की धमकियां', दर्ज हुई फ्रेश FIR
निशु आजाद ने बताया कि घटना के बाद स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थकों और ट्रोल्स ने उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाना शुरू कर दिया.
- उनके इंस्टाग्राम/एक्स (ट्विटर) के डीएम और कमेंट सेक्शन में बेहद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया.
- उनके फोटो के आपत्तिजनक स्टिकर्स बनाए गए और उन्हें बलात्कार (Rape Threats) व जान से मारने की धमकियां दी गईं.
इसके खिलाफ निशु आजाद ने संसद मार्ग थाने में एक फ्रेश सेपरेट कंप्लेंट (नई शिकायत) दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने अलग से एफआईआर दर्ज की है.
पुलिस ने जोड़ीं SC/ST एक्ट और पॉक्सो समेत गंभीर धाराएं
संसद मार्ग थाने में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और पीड़ित परिवार की डीसीपी से लंबी बातचीत हुई. पुलिस ने निम्नलिखित बिंदुओं पर कार्रवाई का भरोसा दिया:
- पुरानी एफआईआर में 307 (अटेंप्ट टू मर्डर / हत्या का प्रयास), SC/ST एक्ट और POCSO एक्ट जोड़ने पर आश्वासन दिया गया.
- ऑनलाइन धमकियों के खिलाफ नई सेपरेट एफआईआर दर्ज की गई.
- 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का वादा किया गया था, जिसे निभाते हुए पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में ले लिया.
निशु आजाद ने बताया कि इस पूरी घटना और सोशल मीडिया उत्पीड़न की वजह से वे काफी डर गई थीं और हफ्तों तक स्कूल/कॉलेज नहीं जा सकीं. हालांकि, अब पुलिस एक्शन और चंद्रशेखर आजाद व राहुल गांधी जैसे नेताओं के समर्थन के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है.
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