UP STF Amitabh Yash Interview: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के आरोपी दो शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराया. मारे गए शूटरों की पहचान सुमित और मोहित के रूप में हुई है. इस मुठभेड़ को लेकर यूपी एसटीएफ चीफ और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने हमारे सहयोगी आज तक से खास बातचीत की. उन्होंने एनकाउंटर की पूरी अंदरूनी कहानी बताई और बताया कि पुलिस को शूटरों की लोकेशन कैसे मिली और मुठभेड़ के दौरान क्या हुआ. अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस और बदमाशों के बीच काफी देर तक गोलीबारी हुई. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर मारे गए. इस दौरान दो पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुए हैं.
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जिम के बाहर 18 गोलियां मारकर की गई थी हत्या
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए यूपी एसटीएफ चीफ और एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि 26 अगस्त की शाम को हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान जब जिम से बाहर निकल रहे थे, तब दो मोटरसाइकिलों पर आए चार शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं. मौके से 18 खोखा कारतूस बरामद हुए थे, जिससे साफ था कि हत्या बेहद सुनियोजित और नृशंस तरीके से की गई थी.
गोगी गैंग और भोलू शाहपुरिया का आया था नाम
अमिताभ यश के अनुसार, घटना के बाद सोशल मीडिया पर जितेंद्र गोगी गैंग के सदस्य भोलू शाहपुरिया नाम के व्यक्ति ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली थी. हालांकि इस पोस्ट का ओरिजिन भारत के बाहर से था, लेकिन पुलिस ने गोगी गैंग और अन्य सभी पहलुओं पर जांच तेज कर दी थी. रोहिणी कोर्ट में जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद भी यह गैंग जेल के अंदर और बाहर से सक्रिय भूमिका निभा रहा था.
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सुबह 5 बजे एनकाउंटर, शूटर सुमित और मोहित ढेर
1 सितंबर की सुबह करीब 5:00 बजे शामली पुलिस और एसटीएफ की टीम ने संदिग्ध शूटरों को घेर लिया. खुद को घिरता देख अपराधियों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की ओर से की गई आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर सुमित और मोहित मारे गए. इनके पास से भारी मात्रा में अवैध असलाह और कारतूस बरामद किए गए हैं.
जीरो टॉलरेंस नीति का परीक्षण न करें अपराधी: अमिताभ यश
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने अपराधियों और गैंगस्टर्स को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध के प्रति 'जीरो टॉलरेंस नीति' है. यदि कोई अपराधी उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को चुनौती देगा या नीति का परीक्षण करने की कोशिश करेगा, तो उसका अंजाम बहुत बुरा होगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस हत्याकांड में शामिल रेकी करने वालों, फाइनेंसरों और गैंग के मुख्य आकाओं की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा.
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