मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉश इलाके कटारा हिल्स में रहने वाले एक रिटायर्ड जज की नवविवाहिता बहू ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी. मृतका की पहचान 31 साल की ट्विशा शर्मा के रूप में हुई है. एक साल पहले उसने बड़े ही अरमानों के साथ लव मैरिज किया था. साल भी रिश्ता नहीं निभा पाने और अपनी जिंदगी खत्म कर लेने के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है. घटना की सूचना मिलते ही नोएडा से भोपाल पहुंचे लड़की के परिवार वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.
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लव मैरिज के एक साल बाद खौफनाक कदम
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा की शादी करीब एक साल पहले भोपाल के रहने वाले एडवोकेट समर्थ शर्मा से हुई थी. समर्थ का परिवार रसूखदार है, उनके पिता रिटायर्ड जज हैं और मां भी न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं. ट्विशा का भाई, हर्षित शर्मा, भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात हैं. हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को किसी की नजर लग गई और शादी के महज एक साल के भीतर ही ट्विशा ने आत्मघाती कदम उठा लिया. फिलहाल पुलिस को घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं मिले हैं.
भाई को फोन कर सुनाई थी आपबीती
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने बताया कि इस खौफनाक कदम को उठाने से कुछ ही समय पहले ट्विशा ने उन्हें फोन किया था. फोन पर वह काफी रो रही थी और बेहद तनाव में थी. उसने बताया था कि पति समर्थ उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा है और अब वह भोपाल में एक पल भी नहीं रहना चाहती. वह वापस अपने मायके नोएडा लौटना चाहती थी और इसके लिए उसने बकायदा ट्रेन का टिकट भी बुक करा लिया था, लेकिन मायके लौटने से पहले ही उसकी मौत की खबर आ गई.
नौकरी छोड़ने और 'अनप्लांड प्रेग्नेंसी' का दबाव
मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. पीड़िता के भाई मेजर हर्षित के अनुसार शादी के बाद ट्विशा ने भोपाल में सेटल होने के लिए अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़ दी थी. इसके बाद ससुराल वाले और पति उस पर तुरंत दूसरी नौकरी ढूंढने का दबाव बनाने लगे, जिससे घर में अक्सर अनबन होती थी.
विवाद की एक और बड़ी वजह मार्च महीने में सामने आई. परिजनों का दावा है कि मार्च में ट्विशा की 'अनप्लांड प्रेग्नेंसी' हुई थी. वह फिलहाल मानसिक रूप से मां बनने के लिए तैयार नहीं थी लेकिन इसके बावजूद ससुराल पक्ष की ओर से उस पर बच्चे को जन्म देने का भारी दबाव बनाया जा रहा था. इसी मानसिक तनाव को ट्विशा बर्दाश्त नहीं कर पाई.
पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार
घटना के बाद ट्विशा के शव का पोस्टमार्टम एम्स भोपाल में कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है. बेटी को खो चुके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. इंसाफ के लिए पीड़ित परिवार सीधे भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के दफ्तर पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
इस पूरे मामले पर भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का कहना है कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर बेहद निष्पक्षता से जांच कर रही है. क्योंकि मामला नवविवाहिता की मौत से जुड़ा है, इसलिए सभी कानूनी तथ्यों और साक्ष्यों को बारीकी से खंगाला जा रहा है जिसमें थोड़ा वक्त लगता है. पुलिस कमिश्नर ने भरोसा दिलाया कि मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है और जांच की रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे.
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