Rahul Gandhi Indore Visit News: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में 19 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम प्रस्तावित है. इस कार्यक्रम से पहले राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' को लेकर अचानक सियासत गरमा गई है. संस्था पुरुषार्थ के अध्यक्ष और बीजेपी नेता नानूराम कुमावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग रखी कि राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में वंदे मातरम के सभी छह छंदों का सामूहिक गायन कराया जाए. हालांकि, कांग्रेस को नसीहत देने निकले बीजेपी नेता तब खुद ही असहज स्थिति में फंस गए जब पत्रकारों ने उनसे खुद वंदे मातरम गाकर सुनाने को कह दिया.
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राहुल गांधी और जीतू पटवारी को पत्र भेजकर मांगा जवाब
बीजेपी नेता और संस्था पुरुषार्थ के अध्यक्ष नानूराम कुमावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में अक्सर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के केवल दो ही छंद गाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि इंदौर मां अहिल्या की नगरी है और यहां छात्रों के मन में राष्ट्रीय संस्कारों का बीजारोपण होना चाहिए. इसी को लेकर उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी को पत्र भेजकर 10 सितंबर तक स्पष्ट जवाब मांगा है. कुमावत ने चेतावनी दी कि यदि पूरे छह छंदों का सामूहिक गान नहीं कराया गया तो उनकी संस्था इस कार्यक्रम का बहिष्कार करेगी.
पत्रकारों के सवाल पर अटके, दो पंक्तियां गाने में भी छूटे पसीने
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें राष्ट्रगीत के पूरे छह छंद याद हैं, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने भी बचपन से स्कूल में दो ही छंद गाए हैं और बाकी छंद वे याद करने का प्रयास कर रहे हैं. इसके बाद जब पत्रकारों ने उनसे वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियां गाने का आग्रह किया, तो नेताजी राष्ट्रगीत गाते समय बार-बार अटकते और शब्द भूलते नजर आए. शुरुआती दो पंक्तियों के बाद वे सीधे आखिरी अंतरे पर पहुंच गए और वहां भी शब्दों के उच्चारण में असहज दिखाई दिए.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, कांग्रेस ने साधा निशाना
बीजेपी नेता नानूराम कुमावत का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और चर्चा का विषय बन गया है. विपक्षी दल कांग्रेस और आम लोग सवाल उठा रहे हैं कि जो नेता दूसरों को राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रगीत के पूर्ण गायन का पाठ पढ़ा रहे हैं, वे खुद सार्वजनिक मंच पर वंदे मातरम की पंक्तियां सही तरीके से क्यों नहीं गा पा रहे हैं. इस घटनाक्रम के बाद इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक तंज और बयानबाजी में बदल गया है.
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