Damodar Yadav Azad Samaj Party Candidate Interview: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है. आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर यादव ने चुनावी मैदान में अपनी मजबूत दावेदारी ठोकते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों पर तीखे प्रहार किए हैं. MP तक को दिए इंटरव्यू में दामोदर यादव ने दतिया के वर्तमान सियासी हालात, जातिगत समीकरणों और दिग्गज नेताओं को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं.
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'बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा का अपमान किया'
दामोदर यादव ने भाजपा द्वारा नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा आलाकमान को यदि नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देना था, तो इस मामले को इतना लंबा नहीं खींचना चाहिए था. उनसे नामांकन पत्र तक खरीदवाया गया और फिर आखिरी वक्त पर टिकट काट दिया गया, जो सीधे तौर पर उनका अपमान है.
मंच पर नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने और आंसू छलकने की घटना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह कोई चुनावी अपील नहीं थी, बल्कि अपनों के बीच उनका दर्द और दुखड़ा था जो बाहर आ गया. उन्होंने दावा किया कि नरोत्तम मिश्रा अकेले में अपने समर्थकों से क्या रणनीति तय करते हैं और क्या अपील करते हैं, इस पर भाजपा आलाकमान के साथ-साथ उनकी खुद की भी नजर बनी हुई है. दामोदर के अनुसार, नरोत्तम मिश्रा के नाराज समर्थकों का आधा वोट उनकी तरफ और आधा कांग्रेस की तरफ शिफ्ट हो सकता है.
कांग्रेस उम्मीदवार पर साधा निशाना
चुनावी गणित समझाते हुए दामोदर यादव ने कहा कि दतिया में पहली बार चुनाव विकास के मुद्दों से ज्यादा सामाजिक और जातिगत आधार पर लड़ा जा रहा है. उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि क्षेत्र में 47 हजार जाटव, 32 हजार कुशवाहा, 24 हजार यादव और करीब 15-15 हजार लोधी, मुस्लिम व पाल-बघेल समाज के मतदाता हैं. इन बड़े वर्गों को नजरअंदाज करके भाजपा ने ब्राह्मण समाज के ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है जिसके पास महज 14 से 15 हजार वोट हैं. वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस के ठाकुर समाज से आने वाले प्रत्याशी घनश्याम सिंह पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास 5 हजार वोट भी नहीं हैं.
'कांग्रेस एक हफ्ते का गुब्बारा, हवा निकल जाएगी'
दामोदर यादव ने कांग्रेस को 'कंफ्यूज पार्टी' करार दिया है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का यह माहौल सिर्फ एक हफ्ते का गुब्बारा है, जिसकी हवा जल्द ही निकल जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह पहले नरोत्तम मिश्रा के सामने चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, लेकिन जैसे ही नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, वह तुरंत चुनाव लड़ने के लिए राजी हो गए.
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दिया था ऑफर
साक्षात्कार के दौरान दामोदर यादव ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और कई बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क किया था. कांग्रेस चाहती थी कि वह उनकी पार्टी में शामिल होकर चुनाव लड़ें ताकि उन्हें नया उम्मीदवार न ढूंढना पड़े. इस पर जवाब देते हुए दामोदर ने स्पष्ट कह दिया था, "अब जिऊंगा भी नीले झंडे में और मरूंगा भी नीले झंडे में." उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ विधायक बनना नहीं, बल्कि सामाजिक व्यवस्था को बदलना है.
जीत को लेकर 100% आश्वस्त
आजाद समाज पार्टी के स्टार प्रचारक चंद्रशेखर आजाद के दतिया दौरे को लेकर उन्होंने बताया कि वह चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में कम से कम दो दिन के लिए यहां बड़ी सभाएं और रोड शो करने आएंगे. दामोदर यादव ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों से त्रस्त आ चुकी है और वे खुद को 'थर्ड फैक्टर' नहीं बल्कि 'फर्स्ट फैक्टर' मानते हैं. उन्होंने घोषणा की कि वह इस उपचुनाव को 27 हजार से अधिक वोटों के बड़े अंतर से जीतने जा रहे हैं.
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