MP Online Fraud Case: मध्य प्रदेश के गुना जिले की कैंट पुलिस ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के रिफंड सिस्टम और कूरियर कंपनियों के लूपहोल का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये का फ्रॉड करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड शेखर मीणा और उसे फर्जी OTP व सिम मुहैया कराने वाले तरुण शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के पास से ₹17 लाख कीमत के 17 महंगे मोबाइल फोन और ₹35 लाख की ईवी (EV) कार जब्त की गई है.
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कच्चे मकान से 80 बीघा जमीन और ईवी कार तक का सफर
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि कुछ साल पहले तक साधारण कच्चे मकान में रहने वाला आरोपी शेखर मीणा इस ठगी के खेल के जरिए देखते ही देखते करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया. पिछले तीन सालों में उसने 80 बीघा जमीन, एक आलीशान मकान, ₹35 लाख की लग्जरी ईवी कार और बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा कर लिए. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अकेले ढाई से तीन करोड़ रुपये का फ्रॉड किया है, जबकि पूरे नेटवर्क के जरिए यह आंकड़ा ₹10 करोड़ से अधिक होने की आशंका है.
कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनी के लूपहोल का उठाया फायदा
गुना पुलिस के अनुसार, आरोपी महंगे मोबाइल फोन ऑनलाइन ऑर्डर करते थे. वे यह ट्रैक करते थे कि डिलीवरी किस कूरियर कंपनी के जरिए हो रही है. कूरियर डिलीवरी में देरी का फायदा उठाकर आरोपी डिलीवरी को होल्ड करवाते थे और इसी बीच अमेजन पर ऑर्डर कैंसिल या डिले दिखाकर रिफंड इनिशिएट करवा लेते थे. कूरियर कंपनी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बीच रियल-टाइम डेटा सिंक न होने के कारण उनके खाते में पूरे पैसे वापस आ जाते थे और बाद में वे कूरियर वाले से फोन भी रिसीव कर लेते थे.
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सस्ते दामों में बाजार के दुकानदारों को बेचते थे फोन
रिफंड के जरिए मुफ्त में मिले महंगे मोबाइल फोन को आरोपी बाजार के दुकानदारों को कम दाम में बेच देते थे. उदाहरण के तौर पर ₹90,000 की कीमत का मोबाइल ₹80,000 में दुकानदारों को दे दिया जाता था. जब ई-कॉमर्स कंपनी किसी यूजर आईडी को ब्लॉक या डिफॉल्टर घोषित करती थी, तो आरोपी फर्जी नाम, नए मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए नई आईडी बनाकर फिर से यह खेल शुरू कर देते थे.
13 लोगों पर केस दर्ज, दूसरे राज्यों तक जुड़ा है नेटवर्क
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में फिलहाल 13 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है. शुरुआती जांच में पता चला है कि इस नेटवर्क से दूसरे राज्यों के 40 से 50 लोग जुड़े हो सकते हैं. पुलिस अब अमेजन की लीगल टीम से संपर्क कर डेटा एकत्र कर रही है और गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है.
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