EV Car Short Circuit Indore: इंदौर के रबर कारोबारी मनोज पुगालिया का पूरा परिवार अपने घर में नन्हे मेहमान के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. घर की बड़ी बहू 8 महीने की गर्भवती थी और पूरा परिवार खुशियों से सराबोर था. कोई घर सजा रहा था, तो कोई आने वाले बच्चे के लिए नए-नए सपने संजो रहा था. किसे पता था कि ये हंसते-खेलते परिवार की खुशिया काल के गाल में समा जाएगा. जिस डिजिटल लॉक को घर की सुरक्षा के लिए लगाया गया था पर किसे पता था कि वही मौत का कारण बनेगा.
ADVERTISEMENT
इंदौर के बृजेश्वरी एनएक्स क्षेत्र से एक रूह कपा देने वाली घटना सामने आई है. यहां के प्रसिद्ध कारोबारी मनोज पुगालिया के घर में रात को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. इस हादसे में पुगालिया परिवार के 8 सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई है. सबसे हृदयविदारक पहलू यह रहा कि परिवार की बड़ी बहू सिमरन, जो 8 महीने की गर्भवती थी, अपने अजन्मे बच्चे के साथ इस आग की भेंट चढ़ गई.
डिजिटल लॉक बने मौत का कारण
हादसे के दौरान घर में लगे हाई-टेक डिजिटल लॉक्स (इलेक्ट्रॉनिक ताले) बिजली कटने के कारण जाम हो गए. परिवार के सदस्य बाहर निकलने की जद्दोजहद करते रहे, लेकिन ताले नहीं खुले. पड़ोसियों ने सीढ़ियों की मदद से मनोज पुगालिया की पत्नी और तीन बेटों को तो बचा लिया, लेकिन मनोज पुगालिया, उनकी गर्भवती बहू, दो मासूम बच्चे (8 और 12 साल) और बिहार से आए रिश्तेदार आग में फंस गए.
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 3:30 से 4:30 के बीच घर के निचले हिस्से में चार्जिंग पर लगी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कार के स्लॉट में शॉर्ट सर्किट हुआ. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गई. आग इतनी भीषण थी कि घर में रखे गैस सिलेंडर और एसी (AC) में भी ब्लास्ट हुए, जिससे आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं.
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की टीम जांच के लिए इंदौर पहुंच चुकी है. कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी EV चार्जिंग मानकों और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.
डिजिटल लॉक क्या होता है और कैसे काम करता है?
डिजिटल लॉक किसी कार्ड, फिंगर प्रिंट, फेस रीडिंग या पिन नंबर डालने से घुलता है. जैसे कार्ड के जरिए मेट्रो की एंट्री खुलती है. इसे मैनुअली भी चाबी से खोलने की सुविधा होती है. जब लाइट गई और घर में आग लगी तो ये लॉक काम नहीं कर रहे थे, जिससे परिवार वाले घर में फंस गए. यदि लॉक खुल गए होते तो शायद और लोग बच पाते.
इंदौर में काल बनी EV कार की चार्जिंग! कारोबारी के घर में भीषण आग से 8 की मौत, जानिए इनसाइड स्टोरी
ADVERTISEMENT


