मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी बांध पर हुए भीषण क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. 30 अप्रैल को हुए इस हादसे में 13 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जिनमें तमिलनाडु के एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल थे. इस दुखद घड़ी में जहां संवेदनशीलता की उम्मीद थी, वहीं जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट पर एक ऐसी घटना घटी जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया. हादसे में जान गंवाने वाले ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कर्मचारी कामराज और उनके 8 वर्षीय मासूम बेटे के शवों को तमिलनाडु ले जाने से एक चार्टर्ड प्लेन के पायलट ने साफ इनकार कर दिया. इसके बाद एयरपोर्ट पर घंटों तक प्रशासनिक जद्दोजहद चलती रही.
ADVERTISEMENT
पायलट ने दुर्गंध का दिया हवाला
हादसे के करीब 48 घंटे बाद कामराज और उनके बेटे के शव पानी से बरामद किए गए थे. लंबे समय तक पानी में रहने और भीषण गर्मी के कारण शव काफी हद तक डीकंपोज हो चुके थे. जब इन शवों को चार्टर्ड प्लेन के जरिए तमिलनाडु भेजने की तैयारी की जा रही थी, तब विमान के पायलट ने सुरक्षा और स्वच्छता का हवाला देते हुए शवों को ले जाने से मना कर दिया. पायलट का तर्क था कि शवों से आने वाली तीखी दुर्गंध असहनीय है, जिससे उड़ान भरने में समस्या हो सकती है.
घंटों चला प्रशासनिक गतिरोध
पायलट के इनकार के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई. इसकी सूचना तुरंत कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को दी गई, जिसके बाद उनके निर्देश पर रांझी एसडीएम मोनिका वाघमारे और तहसीलदार दल-बल के साथ एयरपोर्ट पहुंचे. फैक्ट्री के कर्मचारी भी वहां बड़ी संख्या में मौजूद थे. प्रशासन ने कई घंटों तक पायलट को समझाने और मनाने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी और स्वच्छता कारणों का हवाला देते हुए पायलट अपनी बात पर अड़ा रहा.
रसायनों के छिड़काव के बाद भरी उड़ान
अंततः स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया. शवों पर भारी मात्रा में विशेष स्प्रे और रसायनों का छिड़काव किया गया ताकि दुर्गंध को कम किया जा सके. इसके साथ ही कॉफिन की दोबारा से मजबूती के साथ टेपिंग की गई. लगभग 3 घंटे की भारी मशक्कत और जद्दोजहद के बाद पायलट उड़ान भरने के लिए तैयार हुआ. सुबह करीब 9:00 बजे विमान ने दोनों शवों को लेकर तमिलनाडु के लिए उड़ान भरी.
परिवार ने कहा- यह हादसा नहीं, मर्डर है
इस हादसे ने तमिलनाडु के इस परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया है. मृतक कामराज के परिजनों का कहना है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं बल्कि मर्डर है. उन्होंने प्रशासन और मध्य प्रदेश टूरिज्म डिपार्टमेंट पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि इस लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है? परिवार का कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं बल्कि न्याय चाहिए. उनका सवाल है कि अब तक कितने अधिकारियों को सस्पेंड या अरेस्ट किया गया है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी क्यों की गई.
जांच के लिए हाई लेवल कमेटी गठित
बरगी बांध हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक हाई लेवल कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी 15 दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपेगी. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, क्रूज पर सवार किसी भी व्यक्ति ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी और सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थीं. अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि आखिर इस बड़ी लापरवाही का असली गुनाहगार कौन है.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


