jabalpur cruise accident: ' पहले वीडियो कॉल पर मस्ती फिर वाइस कॉल पर... हमें बचा लो प्लीज..' मां-बेटे की वायरल तस्वीर वाली फैमिली ने क्या बताया?

Jabalpur के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे की दर्दनाक मौत ने सबको झकझोर दिया. जानिए परिवार की आपबीती और हादसे की पूरी कहानी तस्वीरों और क्रूज के वीडियोज के साथ.

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परिवार वालों ने बताया..मरीना से आखिरी बार फोन पर क्या बात हुई.

हिमांशु मिश्रा

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मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे में अब तक 9 लोगों के शव बरामद हो चुके हैं. हादसे में सबसे ज्यादा कलेजे को चीर देने वाली तस्वीर 39 साल की मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की है. सोशल मीडिया पर ये तस्वीर खूब वायरल है. इस तस्वीर के नाम पर एक AI जेनरेटेड तस्वीर भी खूब वायरल हो रही है. जब मरीना के दिल्ली स्थित घर पर Aaj Tak की टीम पहुंची तो माहौल बिल्कुल गमगीन था. मरीना की बहन की रो-रोकर हालत खराब हो गई थी. घर में मरीना के बहनोई और उनकी भाभी थीं. जो बातें सामने आईं वो रूह कपां देने वाली थीं. 

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घर में मरीना के बहनोई थे. उन्होंने बताया-  'मेरी पत्नी सिम्पी के मोबाइल पर मरीना का वीडियो कॉल आया. आसमान में बाइल छाए थे. हवांए चल रही थीं. क्रूज पर सभी लोग मस्ती कर रहे थे. क्रूज पर गाने बज रहे थे...सिम्पी ने बताया कि वे लोग बरगी डैम गए हैं. सभी क्रूज पर मौज-मस्ती कर रहे हैं.

शाम के 5 बजने वाले थे. मैं बेटे को ट्यूशन छोड़ने गया था. अचानक सिम्पी का कॉल आया. फोन बजते ही मैंने इसे रूटीन कॉल समझते हुए पिक किया. उधर से सिम्पी चीखने लगी...मैं घबरा गया. मैंने घबराते हुए पूछा- क्या हुआ? वो जोर-जोर से रोते हुए बोली- 'दीदी का कॉल आया था...वो कह रही थीं कि उनका क्रूज डूब रहा है...भगवान से सब प्रेयर करो..वो बचाने की गुहार लगा रही थीं और चीख-चीखकर कह रही थीं कि...प्लीज मुझे बचा लो.'

भागते हुए घर पहुंचा और फिर एक कॉल आया 

इधर सिम्पी के हसबैंड भागते हुए घर पहुंचे. वहां से फोन लगाना शुरू किया पर किसी का फोन नहीं लग रहा था. धड़कनें तेज थीं. मन बेचैन था. किसी अनहोनी की आशंका मन को घेरे जा रही थी. मन ही मन ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे कि सब ठीक हो जाएगा गॉड. पर ऐसा हुआ नहीं. सिम्पी की हालत खराब हुए जा रही थी. इसी बीच एक कॉल आया...फोन करने वाले शख्स ने बोला- बरगी डैम से बोल रहा हूं...आपके ससुर बात करना चाहते हैं...फिर उधर से पापा जी की आवाज आई...मैंने पूछा मम्मी कहां हैं?... वो बोले- वो तो हमेशा के लिए चली गईं....'' ये बताते हुए सिम्पी के पति फफक पड़े. आसपास के लोगों ने ढांढस बंधाया. 

बोट के भीतर फंस गईं थी मरीना दीदी 

सिम्पी के हसबैंड ने बताया कि ''मरीना दीदी बेटे त्रिशान के साथ पलट चुकी बोट के भीतर फंस गईं थीं. उन्होंने बेटे को बचाने के लिए खूब संघर्ष किया पर वो नाकाम रहीं. बेटे के साथ उनकी जान चली गई पर आखिरी सास तक बेटे को बचाने की जद्दोजहद करती रहीं. अगर तुरंत रेस्क्यू दल पहुंचकर बोट पलट देता तो शायद आज मरीना दीदी और त्रिशान दोनों हमारे बीच होते पर ऐसा हुआ नहीं.''

सभी कहते रहे आगे मत जाओ...गांव वालों ने भी मना किया 

सिम्पी के हसबैंड ने बताया कि सभी कहते रहे...मौसम खराब हो रहा है भैया प्लीज आगे मत जाओ...चलो लौट चलते हैं पर क्रूज वाले ने एक न सुनी. गांव वाले भी किनारे पर मौजूद थे. वे खुद चिल्ला रहे थे कि लौट आओ किनारे पर...मौसम काफी खराब हो रहा है. मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की थी तेज आंधी की पर सब इग्नोर कर क्रूज चालक क्रूज को अंदर ले गया. क्रूज पर किसी को लाइफ जैकेट तक नहीं दिया गया था. 

प्रदीप भैया ने सबकी मदद की पर सास, पत्नी बेटे को नहीं बचा सके 

मरीना की भाभी ने बताया कि प्रदीप भैया ने ही सभी को लाइफ जैकेट निकालकर दिया. जैकेट लेने की होड़ मच गई. मरीना दीदी को एक जैकेट दिया जिसमें उन्होंने त्रिशान को रखकर कसकर पकड़ लिया ताकि लहरें बेटे से जुदा न कर सकें. नर्मदा का बैक वाटर तेज हवाओं में समुद्री लहरों जैसे उछाल मार रहा था. प्रदीप भैया तैरना जानते थे. वे 14 साल की बेटी सिया और ससुर जूलियस मसीह तैरकर बाहर आ गए. हादसे में प्रदीप की सास मधु मसीह की जाान चली गई. इनकी डेड बॉडी तुंरत मिल गई. 

गुलाबी शर्ट वाला शख्स हर एक डेड बॉडी देख रो रहा था 

मौके पर पहुंचे MP Tak के रवीश पाल सिंह ने बताया कि जब वे भोपाल से पहुंचे तब रात में रेस्क्यू चल रहा था पर लोगों को ढूंढ पाना कठिन था. सुबह होते ही आर्मी के गोताखोरों ने मोर्चा संभाला. तभी एक शख्स गुलाबी शर्ट में अपनी 14 साल की बेटी के साथ वहां आया. जैसे ही कोई शव बाहर आता और पता चलता कि वो महिला है तो वो शख्स जोर-जोर से रोने लगता. पर शव के पास जाकर जैसे ही उसकी पहचान करता तो चुप हो जाता था. हालांकि ये चुप्पी भी काफी देर तक उसका साथ नहीं दे पाई. एक डेड बॉडी बाहर निकाली गई. वो एक महिला की थी. वो स्ट्रेचर पर औंधे मुंह थी. वो शख्स दौड़ कर देखने गया. जैसे ही डेड बॉडी पलटी गई...सबका कलेजा मुंह को आ गया. हर किसी का दिल टूट गया. गुलाबी शर्ट वाला शख्स बेटी से लिपटकर ऐसे रोया कि पूरा बरगी डैम उसके करुण क्रंदन से गूंज उठा. हर कोई उस वक्त रो पड़ा. ये डेड बॉडी थी मरीना मसीह की जो अपने सीने से बेटे त्रिशान को मौत के बाद भी चिपकाए हुई थी ताकि लहरें बेटे को अलग न कर सकें...मां का असली रूप देख हर कोई हिल गया. पूरे देश इस तस्वीर को देखकर स्तब्ध है. सबकी आंखें नम हैं. ये ग्राउंड जीरो रिपोर्ट पूरा यहां पढें

बड़े भाई के गृह प्रवेश में गया था परिवार 

ये शख्स कोई और नहीं बल्कि प्रदीप मसीह थे. पता चला कि दिल्ली के मायापुरी के खजाना बस्ती में रहने वाले प्रदीप अपनी पत्नी मरीना मसीह, बेटे त्रिशान, बेटी सिया, ससुर जूलियस मसीह और सास मधु मसीह के साथ मंगलवार को जबलपुर के लिए निकले थे. वहां प्रदीप के बड़े भाई ने घर बनवाया है. उसके ही गृहप्रवेश में 6 सदस्यों की ये टीम गई थी. गृहप्रवेश के कार्यक्रम के बाद सभी घूमने निकले. गुरुवार शाम को सभी बरगी डैम पहुंचे जहां बोटिंग का प्लान हुआ. टिकट लेकर सभी क्रूज पर सवार हो गए. किसी को क्या पता था कि कई परिवारों के लिए ये क्रूज एक गहरे सदमे जैसा होने वाला है. दिल्ली से गए तो कुल 6 लोग थे पर लौटेंगे 3 लोग. 3 लोग काल के गाल में समां चुके हैं और छोड़ चुके हैं अपने पीछ एक काली याद और ऐसा गहरा घाव जो अब कई पीढ़ियों तक नहीं भरेगा. 

अब बस दर्द ही दर्द 

सिम्पी के पति ने कहा- ''सिया ने भी क्रूज वाले से काफी रिक्वेस्ट की. अंकल प्लीज क्रूज घुमा लो...पैसे के लिए उसने एक न सुनी. परिवार से 3 लोग जा चुके हैं. सबकुछ खत्म हो गया है. कुछ नहीं बचा हमारा...अब बस आंसू हैं.'' 

jabalpur cruise accident: 'अपने लाइफ जैकेट में कलेजे के टुकड़े को चिपकाए मां...' दिल्ली से मरीना मैसी के साथ अनहोनी देख हर कोई रो पड़ा
 

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