Katni CSP Neha Pachisia Case: मध्य प्रदेश के कटनी जिले से खाकी को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. बहुचर्चित जमीन डील और रिश्वतखोरी के मामले में कटनी की तत्कालीन सीएसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) नेहा पच्चीसिया, उनके कथित पार्टनर क्षितिज राज और मारूफ अहमद हनीफी के खिलाफ कुठला थाने में FIR दर्ज की गई है. FIR दर्ज होने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर निलंबन की कार्रवाई के बाद तीनों आरोपी भूमिगत हो गए हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
ADVERTISEMENT
क्या है करोड़ों की जमीन सौदे का पूरा मामला?
यह पूरा मामला हत्या के आरोप में जेल भेजे गए आकाश लोधी के परिवार की करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन की कथित बिक्री और सौदे से जुड़ा हुआ है.
-
परिजनों पर दबाव: आरोप है कि आकाश के जेल जाने के बाद सीएसपी के कथित दबाव में उसके पिता रमेश लोधी को दो दिन तक घर पर बैठाकर रखा गया.
-
सरकारी वाहन से ले जाकर रजिस्ट्री: रमेश लोधी को सरकारी वाहन से ले जाकर कन्हवारा में जमीन की रजिस्ट्री कराई गई.
-
1.07 करोड़ का सौदा और अधूरा भुगतान: जमीन का कुल सौदा 1 करोड़ 7 लाख रुपये में तय हुआ था. रजिस्ट्री के समय केवल 15 लाख रुपये का चेक दिया गया और बाकी 92 लाख रुपये 7 दिन में देने की बात कही गई, लेकिन यह रकम कभी दी ही नहीं गई.
डिफॉल्ट बेल और सीएम हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत
हत्या के मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे. समय सीमा के भीतर चालान पेश नहीं किए जाने के कारण आरोपी आकाश लोधी को कोर्ट से डिफॉल्ट बेल मिल गई. जेल से बाहर आने के बाद आकाश ने इस पूरी धोखाधड़ी और दबाव की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और वरिष्ठ अधिकारियों से की.
मामले की जांच एडिशनल एसपी जबलपुर को सौंपी गई. जांच में सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत 82.86 लाख रुपये पाई गई, जबकि रजिस्ट्री में केवल 18.2 लाख रुपये के भुगतान का उल्लेख था. साथ ही बैंक लेनदेन में क्षितिज राज के खाते से मारूफ अहमद के खाते में 15 लाख रुपये ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई.
सीएम का कड़ा एक्शन: सीएसपी निलंबित, दफ्तर सील
जांच रिपोर्ट के आधार पर कुठला थाने में धारा धोखाधड़ी, एक्सटॉर्शन (उद्दीपन), आपराधिक षड्यंत्र (कॉन्स्पिरसी) और पद के दुरुपयोग की धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सीएसपी नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा, किसी भी संवेदनशील दस्तावेज से छेड़छाड़ रोकने के लिए सीएसपी कार्यालय को सील कर दिया गया है. FIR दर्ज होने के समय भोपाल में ट्रेनिंग पर मौजूद नेहा पच्चीसिया वहां से निकल गई हैं और उनका लोकेशन ट्रेस किया जा रहा है.
यह भी पढ़ें: कौन हैं CSP नेहा पच्चीसिया? कटनी से गुना तक विवादों से रहा पुराना नाता, जानें कब-कब उठे उन पर सवाल?
ADVERTISEMENT


