Madhya Pradesh Inter Caste Marriage Case: ''ना यह मेरी बेटी है और ना ही हम इसे पहचानते हैं..." उज्जैन जिले के हुए एक खौफनाक सामाजिक फैसले ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है. अपनों की मर्जी के खिलाफ अंतरजातीय प्रेम विवाह रचाने वाली बेटी ने जब पुलिस के सामने अपने ही खून के रिश्तों से मुंह मोड़ लिया तो दुखी परिजनों ने हैरान कनने वाला कदम उठा लिया. परिवार ने पूरे समाज और रिश्तेदारों के बीच युवती की जलती तस्वीर, ढोल की थाप और गोरनी की रस्म के साथ एक जिंदा बेटी को कागजों और रिश्तों में मृत घोषित कर दिया गया.
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थाने में अपनों को पहचानने से किया इनकार
मामला खाचरौद नगर के नरसिंह मंदिर क्षेत्र का है. यहां कोमल प्रजापति नामक युवती ने अपने परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी. ऐसा न करने को लेकर परिजनों और रिश्तेदारों ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की. लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी. इसके बाद मामला पुलिस थाने पहुंचा. यहां करीब 50 से 100 लोग उसे समझाने गए. लेकिन, युवती ने थाने के अंदर अपने माता-पिता, भाई सोनू प्रजापत, बहनों रांची और पायल प्रजापति समेत बड़े पापा को पहचानने से साफ मना कर दिया. इतना ही नहीं, उसने परिजनों पर उल्टे आरोप भी लगाए, जिससे परिवार को गहरा झटका लगा.
समाज के सामने जलाया फोटो, निभाई गोरनी रस्म
कोमल के इस व्यवहार और अपमान से नाराज परिजनों ने हैरान करने वाला कदम उठाया लिया. परिवार ने रिश्तेदारों और समाज के लोगों को इकट्ठा किया. इसके बाद अपनी जीवित बेटी की तस्वीर पर माला चढ़ाई, फिर उस फोटो को जलाकर प्रतीकात्मक दाह संस्कार किया. परिजनों ने बेटी को मृत मानकर उससे जुड़ी 'गोरनी' की सभी रस्में पूरी कीं. बता दें कि गोरनी एक ऐसी प्रतीकात्मक प्रथा है, जिसमें परिवार से रिश्ता तोड़ने या मर्जी के खिलाफ विवाह करने वाली बेटी को मृत मानकर अंतिम संस्कार और तर्पण किया जाता है.
संपत्ति के अधिकार से किया बेदखल
परिजनों ने समाज की मौजूदगी में सार्वजनिक घोषणा की कि अब से उनका कोमल से कोई लेना-देना नहीं है. परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेटी को बहुत स्नेह से पाला था और उसे समझाने के लिए हर संभव कोशिश की थी, यहाँ तक कि उसके सामने हाथ भी जोड़े. लेकिन उसके रवैये के बाद अब वह उनके लिए मर चुकी है. परिवार ने साफ कर दिया कि भविष्य में युवती का उनकी किसी भी संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं होगा और न ही उसका परिवार या समाज में कोई आना-जाना रहेगा.
भविष्य की किसी घटना की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
युवती की बहन और भाई ने बताया कि जिस लड़के से उसने शादी की है, वह सही स्वभाव का नहीं है और उसका पहले भी एक्सीडेंट हो चुका है. परिजनों का कहना है कि भविष्य में अगर युवती या उसके पति को कुछ भी होता है, तो उसकी जिम्मेदारी परिजनों की नहीं होगी, बल्कि उसके ससुराल वालों की होगी. बहन ने यह भी कहा कि यह कदम उन लड़कियों के लिए एक संदेश और नजीर बनेगा, जो अपने माता-पिता को नीचा दिखाकर और दुखी करके बिना सोचे-समझे घर से नाता तोड़ लेती हैं.
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