मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किरणापुर थाने में कथित तौर पर एक गर्भवती महिला और उसके पति की पुलिस हिरासत में कपड़े उतरवाकर बेरहमी से पिटाई का मामला गरमा गया है. इस घटना के विरोध में मौरार माली समाज और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव कर दिया, गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की और पुलिसकर्मियों पर जबरदस्त पथराव कर दिया.
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स्थितियों को बेकाबू होता देख पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस पूरे घटनाक्रम में एसडीओपी (SDOP) दीपक तोमर सहित कई पुलिसकर्मी और मजिस्ट्रेट के चालक घायल हो गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, मामला किरणापुर के नागू टोला स्थित पोस्ट ऑफिस से हुई ₹14,000 की चोरी की शिकायत से जुड़ा हुआ है. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और शक के आधार पर कैलाश चौधरी और उनकी गर्भवती पत्नी सावित्री चौधरी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था.
पीड़ित पति-पत्नी का आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के दौरान उनके साथ अभद्रता की, कपड़े उतरवाए और बुरी तरह से मारपीट की. जुडीशियल कस्टडी से आने के बाद पीड़ितों ने पुलिस अधिकारियों से इस बर्बरता की लिखित शिकायत दर्ज कराई.
कार्रवाई और SIT का गठन
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया था. इसके साथ ही, घटना की निष्पक्ष जांच के लिए महिला उप पुलिस अधीक्षक (DSP) प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, जिसे 15 दिनों के भीतर अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे.
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा
स्थानीय मौरार माली समाज के लोगों ने पीड़ित दंपत्ति को न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ज्ञापन सौंपने का आह्वान किया था. हालांकि, थाने के सामने करीब 500 से 600 लोगों की भीड़ जमा हो गई.
देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और थाने का मुख्य गेट तोड़कर अंदर घुस आई. उपद्रवियों ने थाने में तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया. पथराव में गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है.
पुलिस का बयान: साजिश के तहत हुआ हमला
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ को नियमानुसार चेतावनी देने के बाद न्यूनतम बल प्रयोग करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और भीड़ को खदेड़ा गया. वर्तमान में क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है.
पुलिस का मानना है कि यह पथराव और हमला किसी सुनियोजित साजिश (Planned Conspiracy) का हिस्सा हो सकता है. सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर उपद्रवियों और आयोजकों की पहचान की जा रही है तथा सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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