MP में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस! CM सीएम मोहन यादव ने एक ही दिन में दो जिलों के मुखियाओं को हटाया

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सीधी कलेक्टर और गुना एसपी को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है. यह कार्रवाई सीधी में जनता की शिकायतों और गुना में पुलिस द्वारा रिश्वत लेने के गंभीर आरोपों के बाद की गई है.

मोहन यादव
मोहन यादव

रवीशपाल सिंह

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन दिनों फुल एक्शन मोड में नज़र आ रहे हैं. रविवार को प्रदेश की अफसरशाही में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री ने जनता की शिकायतों और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के आधार पर सीधी के कलेक्टर और गुना के एसपी (SP) को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दे दिए. सीएम का यह औचक फैसला सरकारी महकमे में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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मिर्जापुर से सीधे सीधी पहुंचे मुख्यमंत्री

दरअसल, मुख्यमंत्री का कोई पूर्व निर्धारित कार्यक्रम नहीं था. वे उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर दौरे पर थे, जहाँ से उन्हें रीवा होते हुए भोपाल लौटना था. लेकिन लौटते वक्त सीएम का विमान अचानक सीधी जिले की हवाई पट्टी पर उतरा. मुख्यमंत्री सीधे सर्किट हाउस पहुंचे और वहां मौजूद आम जनता व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की.

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को फीडबैक मिला कि जिले में अफसरशाही हावी है और जनता की सुनवाई नहीं हो रही है. गंभीर शिकायतों को देखते हुए सीएम ने मौके पर ही सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी और जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पी.एस. धनवाल को हटाने का आदेश सुना दिया.

गुना SP पर क्यों हुई कार्रवाई?

सीधी के बाद मुख्यमंत्री की गाज गुना के एसपी अंकित सोनी पर भी गिरी. मामला शनिवार का है, जहाँ गुना पुलिस ने एक गाड़ी की तलाशी के दौरान करीब 1 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की थी. आरोप है कि पुलिस ने संबंधित व्यापारी से मामले को रफा-दफा करने के लिए करीब 30 लाख रुपये की रिश्वत ली. इस मामले में पुलिस की जमकर किरकिरी हुई.

ग्वालियर रेंज के आईजी द्वारा कराई गई जांच की रिपोर्ट जब मुख्यमंत्री तक पहुंची, तो उन्होंने एसपी की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उन्हें तत्काल हटाने का निर्णय लिया. शासन की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया कि नगद राशि के हेरफेर के प्रकरण में एसपी की भूमिका यथोचित नहीं पाई गई.

भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' का संदेश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस कार्रवाई के जरिए यह साफ कर दिया है कि उनकी सरकार में भ्रष्टाचार और काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. चाहे मामला जनता की सुनवाई न करने का हो या खाकी पर लगे दाग का, एक्शन लेने में देरी नहीं की जाएगी. इससे पहले भी शिवनी जिले में इसी तरह के मामले में पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो चुकी है.

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