पहले इंदौर की सोनम रघुवंशी फिर धार की प्रियंका पुराहित, ग्वालियर की रूबी के बाद अब मंदसौर की धापू बाई की कहानी ने सबको झकझोर कर रख दिया है. रिश्तों में बढ़ती कड़वाहट और अवैध संबंधों में कत्ल की कहानी ने सबको हैरत में डाल दिया है. हर कहानी में एक झूठी कहानी जिसकी परतें इतनी कि झूठ भी शर्मिंदा हो जाए. ड्रामा ऐसा कि बड़े-बड़े ड्रामेबाज भी घुटने टेक दें. कुछ ऐसी ही कहानी मंदसौर जिले से आई है जिसमें 39 साल के धनराज जो किसानी करके अपने परिवार का पेट पालते थे उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी है.
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धनराज की कहानी को गुमशुदगी में तब्दील करने की कोशिश की गई ताकि पुलिस और परिवार वाले खोजबीन करने थक जाएं और विधि का विधान मानकर दिल को मना लें. सबकुछ इतिहास के पन्नों में दफ्न हो जाए और बचे तो धापू और पंकज की प्रेम कहानी. पर ऐसा हुआ नहीं. जैसे सोनम रघुवंशी की कातिल कहानी और बांग्लादेश कनेक्शन का भांडा फूट गया...जैसे धार की प्रियंका की आंखों से बहते नीर और अदाओं का जादू नहीं चल पाया...जैसे ग्वालियर की रूबी एक्सपोज हो गई वैसे ही धापू की खौफानाक साजिश और जमीन के भीतर गड़े धनराज के राज का खुलासा हो गया.
क्या है पूरी कहानी?
मंदसौर के दुधाखेड़ी गांव का शांत माहौल पर इसी में पल रहा था अशांति का बड़ा बवंडर. कहानी शुरू हुई धनराज के गायब होने से. 11 अप्रैल को पंकज और चौधरी और धापू बाई भानपुरा थाने पहुंचे. वहां उन्होंने धनराज योगी के गायब हो जाने की बात कह गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी. इधर धनराज की बेटी इस बात पर अड़ गई कि पिता आखिरी बार ये कहकर घर से निकले थे कि वे पंकज चौधरी के पास जा रहे हैं. मृतक के बेटे और बेटी ने पिता के साथ अनहोनी की आशंका जाहिर की और गांव वालों को इकट्ठा कर लिया. बेहद शांत दुधाखेड़ी गांव में भारी अशांति फैलने लगी. हर किसी के जुबान पर एक ही सवाल था कि धनराज कहां गया और उसके साथ क्या हुआ?
परिजन थाने पहुंचे तब पुलिस ने शुरू की जांच
ग्रामीणों की गैदरिंग की सूचना थाने में पहुंची. पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में जांच शुरू की. पहला शक पंकज चौधरी पर गया. गांव में पूछताछ के बाद पता चला कि पंकज और धापू के बीच पक रही खिचड़ी पकने की उड़ती खबर ग्रामीणों में भी है. इसे लेकर धनराज और धापू में आए दिन हो रहे विवाद का एंगल मिलते ही पुलिस ने पंकज को हिरासत में लिया. पूछताछ शुरू हुई. पंकज ने पहले तो कहानियां बनाई. जब पुलिस ने अपना हथकंडा अपनाया तो उसने रट्टू तोते की तरह सबकुछ उगल दिया. पुलिस उसे लेकर खेत में गई जहां गड्ढा खोदकर अधजली लाश निकाली गई. ये लाश किसी और की नहीं बल्कि धनराज योगी की थी. लाश कई हिस्सों में बंटी थी. आरोपियों ने शव का बोटी-बोटी करके दफनाया था.
अवैध संबंध और हत्या की साजिश का हो गया खुलासा
पूछताछ में सामने आया कि धनराज और धापू के जीवन में सबकुछ ठीक चल रहा था. दोनों के एक बेटा और एक बेटी थी. दोनों बड़े हो रहे थे. परिवार खुश था. 4 साल पहले दोनों के रिश्तों में गांव के पंकज चौधरी की एंट्री हुई. धापू का दिल पंकज पर आ गया. पंकज भी धापू की तरफ अट्रैक्ट हुआ और दोनों में अवैध संबंध बनने लगे. दोनों को लगा कि दुनिया की नजर से इस रिश्ते को छुपा लेंगे पर प्रीत कहां छुपती है. ये खबर पहले परिवार फिर गांव में भी फैलने लगी. इसे लेकर अब धापू और धनराज में विवाद होने लगे. घर में कलह बढ़ गई. धापू को लगने लगा कि धनराज के जीते-जी दोनों एक नहीं हो पाएंगे.
धनराज को हमेशा के लिए हटाने की रची गई साजिश
इधर धनराज को हटाने के लिए पंकज और धापू ने साजिश रची. साजिश के तहत पंकज ने धनाराज को कहीं प्रोग्राम है कहकर ले गया. परिजनों के मुताबिक 10 और 11 अप्रैल की दरम्यानी रात करीब 8 बजे वो छोड़ने भी आया. बाइक पंकज चला रहा था और धनराज पीछे बैठे थे. परिवार वालों ने दिखा. परिवार वाले जैसे ही इधर-उधर हुए, पंकज धनराज को लेकर फिर चला गया. कहां गया किसी को पता नहीं चल पाया. इधर पंकज धनराज को अपने खेत पर लेकर गया. वहां उसने धनराज की गला घोंटकर हत्या कर दी. उसने शव के टुकड़े किए.
पहले जलाने की कोशिश नाकाम त दफनाया
पंकज डीजल और लकड़ियां ले आया. पंकज ने धनराज के शव को खेत में जलाने की कोशिश की. लाश पूरी तरह जल नहीं पाई तो धनराज ने अगले दिन गड्ढा करके राख और अस्थियां उसमें दबा दिया. 11 अगले दिन 11 अप्रैल को धापू को लेकर पंकज थाने पहुंचा और धनराज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी.
बेटे-बेटी को अनहोनी की आशंका, गांव वालों को बुलाया
12 अप्रैल को बेटे और बेटी को पिता के नहीं लौटने पर अनहोनी की आशंका हुई. उन्होंने गांव वालों को बुला लिया. सूचना पर पुलिस पहुंची और फोन कॉल्स की जांच के साथ धापू और पंकज के संबंधों का पता चलने पर पूछताछ की. पंकज ने सबकुछ बता दिया. पुलिस ने पंकज और धापू को धनराज की हत्या के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया.
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बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, मां अब सलाखों के पीछे
विवाहेत्तर संबंध का ये दर्द अब मृतक धनराज का परिवार कभी भूल नहीं पाएगा. जिस पिता को उसके बच्चे जान से ज्यादा प्यार करते थे वे मां के अवैध संबंध की बलि चढ़ चुके थे. अब मां भी हत्या के जुर्म में सलाखों के पीछे होगी. यानी बच्चे अब मां और पिता दोनों से दूर हो गए. ताऊपर इस हत्याकांड का दर्द जो शायद वे भुला पाएं.
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