Naresh Gyanchandani Post: मध्य प्रदेश की सियासत में चल रहे हाई-वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे ने दिल्ली से लेकर भोपाल तक कांग्रेस खेमे में हलचल मचाई हुई है. मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natrajan) का नामांकन निर्वाचन आयोग द्वारा रद्द कर दिया गया है. इस बड़े झटके के बाद जहां बीजेपी खेमे में जश्न का माहौल है और उनके तीसरे प्रत्याशी महेश केवट की जीत तय मानी जा रही है, वहीं कांग्रेस में अब एक नया 'गृहयुद्ध' छिड़ गया है.
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राहुल गांधी को दी गई वो चेतावनी जो अब बन गई सच
मीनाक्षी नटराजन का पत्ता कटते ही सोशल मीडिया पर कांग्रेस के एक दिग्गज नेता की पुरानी पोस्ट ने आग लगा दी है. हुजूर विधानसभा सीट से दो बार कांग्रेस के प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाए जाने के तुरंत बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए एक पोस्ट लिखी थी. उन्होंने साफ शब्दों में आलाकमान को आगाह किया था कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार चुनने में बहुत बड़ी चूक की जा रही है.
ज्ञानचंदानी ने अपनी पोस्ट में लिखा था, "आपसे आग्रह है कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चुनने में बड़ी चूक हुई है. मैंने कई बार मैसेज किए थे कि मध्य प्रदेश में सोच-समझकर निर्णय लें, क्योंकि यहां क्रॉस वोटिंग का खतरा है. अगर दिग्विजय सिंह को रिपीट किया जाता तो यह सीट पूरी तरह से सेफ थी." दिलचस्प बात यह है कि इस फैसले से नाराज होकर ज्ञानचंदानी ने कांग्रेस से इस्तीफा भी दे दिया था. आज उनकी यह भविष्यवाणी अक्षरशः सच साबित हो चुकी है.
रातभर सड़कों पर कटे दिग्गज, दिल्ली से भोपाल तक कोहराम
नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस बैकफुट पर है. भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और हरीश चौधरी बाबासाहेब आंबेडकर की तस्वीर लेकर रातभर इलेक्शन कमीशन दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे रहे. वहीं दिल्ली में केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल और जयराम रमेश जैसे राष्ट्रीय दिग्गजों ने मोर्चा संभाला. कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से इस मामले में री-वेरिफिकेशन की मांग कर रहा है, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है.
कौन है वो नेता जिसने बीजेपी को दी सीक्रेट इनफॉर्मेशन?
इस पूरे ड्रामे के बीच बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय के एक दावे ने कांग्रेस के अंदर खलबली मचा दी है. मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना में चल रहे एक पुराने मामले को आधार बनाकर बीजेपी ने आपत्ति दर्ज कराई थी. बीजेपी का दावा है कि इस सीक्रेट मामले की जानकारी उन्हें किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि खुद कांग्रेस के ही एक बड़े नेता ने दी है. इस खुलासे के बाद से पूरी एमपी कांग्रेस में उस विभीषण की तलाश तेज हो गई है, जिसने अपनी ही पार्टी की पीठ में छुरा घोंपा. जमीन से जुड़े नेताओं के फीडबैक को नजरअंदाज करना अब कांग्रेस आलाकमान को भारी पड़ रहा है.
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