मध्य प्रदेश के दतिया में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक दी है और अपने दिग्गज नेताओं को दतिया में कैंप करा दिया है. ग्वालियर से बीजेपी सांसद और दतिया के चुनाव प्रभारी भरत सिंह कुशवाहा ने क्षेत्र की चुनावी स्थिति, कार्यकर्ताओं की नाराजगी और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की भूमिका को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि दतिया में भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलना तय है क्योंकि पार्टी ने संगठन का लंबा अनुभव रखने वाले आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाया है. उनके टिकट से मूल कार्यकर्ताओं में भारी प्रसन्नता है.
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नरोत्तम मिश्रा के भावुक होने और उनकी भविष्य की भूमिका पर बड़ा बयान
बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा के पिछले दिनों मंच पर भावुक होने के सवाल पर चुनाव प्रभारी भरत सिंह कुशवाहा ने स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक किसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, तो जनता और कार्यकर्ताओं के साथ उसका एक आत्मीय और पारिवारिक जुड़ाव हो जाता है. मंच से उन्होंने कोई दर्द नहीं बल्कि हकीकत बयां की थी.
उन्होंने खुद कार्यकर्ताओं से अपील की है कि आशुतोष तिवारी उनके छोटे भाई हैं और वे 16 तारीख से स्वयं घर-घर जाकर उनके लिए वोट मांगेंगे. नरोत्तम मिश्रा के राजनीतिक भविष्य पर बात करते हुए सांसद ने दावा किया कि वे एक बेहद अनुशासित कार्यकर्ता रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी ऐसे सक्षम कार्यकर्ताओं को कभी घर नहीं बैठने देती.आने वाले समय में संगठन उनकी उपयोगिता के अनुसार उन्हें निश्चित रूप से कोई न कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपेगा.
कार्यकर्ताओं की नाराजगी और डैमेज कंट्रोल पर सफाई
टिकट वितरण के बाद दतिया की सड़कों पर देखने को मिले हंगामे और कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन पर भी बीजेपी प्रभारी ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि जब कोई बड़ा निर्णय होता है, तो नेताओं के व्यक्तिगत समर्थकों में थोड़ी निराशा और नाराजगी होना स्वाभाविक है. लेकिन भारतीय जनता पार्टी का मूल कार्यकर्ता टिकट घोषित होने के दिन भी खुश था और आज भी खुश है.
उन्होंने बताया कि वह नाराजगी सिर्फ एक दिन की थी. अब सभी कार्यकर्ता लगातार पार्टी की बैठकों में भाग ले रहे हैं और उन्हें बूथ प्रबंधन, प्रचार-प्रसार तथा मीटिंग्स जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा चुकी हैं. दतिया में इस समय उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हैं, जो लगातार चुनावी कमान संभाले हुए हैं.
विपक्षी उम्मीदवारों और फूल सिंह बरैया के बयानों पर पलटवार
कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार बनाए गए पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को लेकर भरत सिंह कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में कोई चुनौती नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह राजशाही मानसिकता से आते हैं और विधायक रहने के बावजूद उन्होंने दतिया का कोई विकास नहीं किया. वहीं चुनावी मैदान में उतरे दामोदर यादव को लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के मौसम में कई मौसमी लोग और मौसमी दल आ जाते हैं, लेकिन उनका कोई वजूद नहीं रहता.
इसके अलावा कांग्रेस नेता फूल सिंह बरैया द्वारा बीजेपी पर ब्राह्मण नेताओं को किनारे लगाने के आरोप पर पलटवार करते हुए कुशवाहा ने कहा कि बरैया हमेशा विवादित और आधारविहीन बयान देते हैं. बीजेपी में जाति विशेष की राजनीति नहीं होती बल्कि हर वर्ग और समाज को पूरा सम्मान दिया जाता है. उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि वह एक बेहद सामान्य परिवार से आकर पंच, सरपंच और जिला पंचायत सदस्य होते हुए आज संसद तक पहुंचे हैं, जो केवल बीजेपी में ही संभव है.
डबल इंजन की सरकार और विकास के मुद्दे पर जीत का भरोसा
चुनाव प्रभारी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में मिली हार को पीछे छोड़ते हुए इस बार बड़े अंतर से जीत का भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ क्षेत्रीय कारण हो सकते हैं, लेकिन इस बार दतिया माई की नगरी की जनता विकास के साथ खड़ी है. दतिया में जो भी विकास कार्य हुए हैं, वे बीजेपी सरकार के कार्यकाल में ही हुए हैं. केंद्र की मोदी सरकार और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार लगातार जनहित और गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है. देश इस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है और साल 2047 तक विकसित भारत बनने की राह पर अग्रसर है, जिसकी शुरुआत दतिया की इस चुनावी जीत से होगी.
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