MPL 2026: इंदौर में गरजी 'चंबल घड़ियाल', अजेय रहकर जीता खिताब; स्टार गेंदबाज त्रिपुरेश ने बताया सफलता का राज

आकांक्षा ठाकुर

01 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 1 2026 5:01 PM)

MPL 2026 Final: इंदौर में मध्य प्रदेश लीग (MPL) सीजन 3 का खिताब चंबल घड़ियाल ने अपने नाम कर लिया है. टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले स्टार गेंदबाज त्रिपुरेश ने 'एमपी तक' से खास बातचीत में अपनी इस अजेय जर्नी का अनुभव साझा किया और बताया कि कैसे MPL युवाओं को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है.

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मध्य प्रदेश लीग (MPL 2026) के तीसरे सीजन का फाइनल मुकाबला इंदौर में संपन्न हो गया है, जहां चंबल घड़ियाल (Chambal Ghariyal) की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम कर ली है. पूरे टूर्नामेंट में चंबल घड़ियाल का दबदबा इस कदर रहा कि टीम एक भी मैच नहीं हारी और अजेय रहते हुए चैंपियन बनी. टीम की इस ऐतिहासिक जीत में सबसे अहम भूमिका निभाने वाले और सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले स्टार गेंदबाज त्रिपुरेश ने जीत के बाद 'एमपी तक' से विशेष बातचीत की. 

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त्रिपुरेश ने अपनी टीम के सफर, खुद के करियर और मध्य प्रदेश क्रिकेट में एमपीएल के योगदान को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं.

टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी चंबल की टीम

जीत की बधाई स्वीकार करते हुए त्रिपुरेश ने खुशी जाहिर की और कहा, "जब आप विनिंग नोट (जीत) के साथ टूर्नामेंट खत्म करते हैं, तो बहुत अच्छा लगता है. ईमानदारी से कहूं तो हम पूरा टूर्नामेंट बहुत अच्छा खेले. हमारी टीम ने इस सीजन में एक भी मैच नहीं हारा है, हम सारे मुकाबले जीतते हुए आगे बढ़े हैं." इंदौर के स्टेडियम में चंबल के फैंस की भारी तादाद पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि लोग हमेशा जीतने वाली टीम के साथ रहना चाहते हैं और हम बहुत अच्छा क्रिकेट खेल रहे थे, शायद इसलिए हमें इतना प्यार मिला. 

'MPL की वजह से ही आज मैं यहां हूं'

घरेलू क्रिकेटरों के लिए इस लीग के महत्व पर बात करते हुए त्रिपुरेश ने एक बड़ा खुलासा किया. उन्होंने कहा, "सच कहूं तो आज मैं जहां भी हूं, सिर्फ एमपीएल की वजह से हूं. इस लीग में आने से पहले मैं अपनी स्टेट (राज्य) टीम का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा था. मैंने एमपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके बाद मेरा चयन राज्य की टीम के लिए हुआ. इसलिए यह टूर्नामेंट मेरे लिए और आने वाले भविष्य के खिलाड़ियों के लिए बेहद जरूरी है."

सीनियर खिलाड़ियों से मिली सीख को युवाओं तक पहुंचाना

अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के बीच तालमेल के सवाल पर त्रिपुरेश ने कहा, "जब मेरा एमपीएल का सफर शुरू हुआ था, तब टीम में पुनीत दाते जैसे सीनियर खिलाड़ी थे. उन्होंने हमें बहुत अच्छे से ग्रूम किया, जिसके चलते सीनियर-जूनियर के बीच काम करना आसान हो गया. अब हम वही अनुभव और सीख अपने युवा खिलाड़ियों को पास ऑन (आगे बढ़ाने) की कोशिश कर रहे हैं."

महिला क्रिकेटर्स के लिए डब्ल्यूपीएल (WPL) का रास्ता

इस सीजन में महिला टीमों के बेहतरीन प्रदर्शन पर त्रिपुरेश ने कहा, "महिलाओं के लिए सामान्यतः कम मैचेस होते हैं. ऐसे में एमपीएल का होना उनके लिए एक बड़ा एक्सपोजर है. अगर वे यहां अच्छा प्रदर्शन करती हैं, तो आईपीएल और डब्ल्यूपीएल (WPL) के स्काउट्स की नजर उन पर रहती है, जिससे उनके आगे चुने जाने की राह आसान हो जाती है."

अंत में त्रिपुरेश ने अपने अनोखे अंदाज में फैंस का शुक्रिया अदा किया और मजाकिया लहजे में कहा, "सपोर्ट के लिए सभी फैंस का बहुत-बहुत धन्यवाद। और हां, जो लोग सोशल मीडिया कमेंट्स में गालियां देते हैं, प्लीज थोड़ा कम दें."

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