MPPSC परीक्षा अब साल में दो बार होगी, रिसर्च स्कॉलरशिप बढ़ी, CM मोहन यादव ने किए कई बड़े ऐलान

आकांक्षा ठाकुर

06 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 6 2026 8:02 PM)

भोपाल के 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026' में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने MPPSC परीक्षा साल में दो बार कराने और 2027 को 'युवा वर्ष' घोषित करने समेत कई बड़े ऐलान किए. जानिए मुख्य घोषणाएं.

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तस्वीर: सीएम मोहन यादव के सोशल मीडिया X से.
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भोपाल के ऐतिहासिक लाल परेड ग्राउंड में आयोजित 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026' के मंच से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के युवाओं के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं. युवाओं से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की सुविधा के लिए अब MPPSC की परीक्षा साल में एक बार नहीं, बल्कि दो बार आयोजित की जाएगी. इसके साथ ही सरकार ने वर्ष 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाने का फैसला लिया है.

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हर जिले के सरकारी कॉलेजों में मिलेगी मुफ्त कोचिंग

सीएम मोहन यादव ने कहा कि अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों को बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. सरकार प्रदेश के हर जिले के सभी शासकीय महाविद्यालयों (सरकारी कॉलेजों) में मुफ्त कोचिंग क्लासेस शुरू करने जा रही है.

मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था उपलब्ध करा रही है और युवाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के उद्देश्य से ही पीएससी की परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने का निर्णय लिया गया है.

रिसर्च स्कॉलरशिप बढ़ी, 5 करोड़ का 'आइडिया फंड'

सरकारी नौकरियों के अलावा उच्च शिक्षा, शोध और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए भी बड़े फैसलों का ऐलान किया गया:

  • रिसर्च स्कॉलरशिप में बढ़ोतरी: उच्च शिक्षा विभाग की ओर से दी जाने वाली रिसर्च स्कॉलरशिप को 16,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है.
  • रिसर्च फंड: विश्वविद्यालयों में शोध गतिविधियों को गति देने के लिए 1 करोड़ रुपये के फंड का प्रावधान किया गया है.
  • राज्य स्तरीय आइडिया फंड: युवाओं के नए इनोवेटिव आइडिया को बिजनेस में बदलने में मदद के लिए 5 करोड़ रुपये का 'राज्य स्तरीय आइडिया फंड' बनाने की घोषणा की गई है.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रमुख घोषणाएं

  1. प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस शुरू होंगी. 
  2. उच्च शिक्षा में शोध को प्रोत्साहन देने के लिए शोधार्थियों मिलने वाली राशि 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए प्रतिमाह की जाएगी. 
  3. सभी शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और एडवांस कम्प्युटिंग लैब की स्थापना की जाएगी. 
  4. स्टार्टअप के लिए अच्छे आइडियाज मिलें, इसके लिए 5 करोड़ रुपए का आइडिया फंड बनाने का प्रावधान किया गया है.   
  5. स्नातकोत्तर की छात्राओं को गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा. 
  6. युवाओं के प्लेसमेंट कराने के लिए एक एजेंसी नियुक्त की जाएगी. सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए काम करेगी.
  7. राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की 500 नई ईकाइयां बनाई जाएंगी. 
  8. शोध संस्था में 1 करोड़ रुपए का फंड विश्वविद्यालय निधि से स्थापित किया जाएगा. 
  9. प्रदेश के एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़ा जाएगा. 
  10. प्रत्येक संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे. 
  11. प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में वर्ष 2027 में फिर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) का आयोजन होगा. 
  12. प्रदेश में पीएससी की सालाना परीक्षा के अतिरिक्त अब हर वर्ष एक विशेष परीक्षा भी आयोजित की जाएगी. 
  13. युवा वर्ष 2027 के लिए एक पोर्टल की शुरुआत करेंगे, जिसमें युवा अपने आइडिया और सुझाव दे सकते हैं. उन्हें लागू करेंगे. 
  14. अगले वर्ष 12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगार परख कोर्स के लिए 12 स्किल यूनिवर्सिटी प्रारंभ की जाएंगी.

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