मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी एक बार फिर विवादों में हैं. इस बार उन्होंने ड्यूटी पर तैनात एक आईपीएस अधिकारी को सरेआम धमकी दी है, जिसके बाद प्रदेश का प्रशासनिक अमला और आईपीएस एसोसिएशन उनके खिलाफ लामबंद हो गया है. आइए विस्तार से जानते है क्या है पूरा मामला और अब क्यों हो रहा है बवाल.
ADVERTISEMENT
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत तब हुई जब विधायक प्रीतम लोधी के बेटे, दिनेश लोधी पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी थार गाड़ी पांच मजदूरों पर चढ़ा दी. एक्सीडेंट के बाद दिनेश लोधी का एक वीडियो भी सामने आया जिसमें वे मजदूरों पर ही धौंस जमाते दिख रहे थे. इस मामले में कार्रवाई करते हुए करेरा के एसडीओपी, आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ ने दिनेश लोधी को पूछताछ के लिए तलब किया.
विधायक ने दी थी धमकी
बेटे पर हुई पुलिसिया कार्रवाई से नाराज विधायक प्रीतम लोधी ने एक वीडियो जारी किया. वीडियो में वे आईपीएस आयुष जाखड़ पर तंज कसते हुए पूछ रहे हैं कि उन्हें दिल्ली से कौन निर्देश दे रहा है प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या ज्योतिरादित्य सिंधिया? इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा कि 'मेरा हाथ ढाई किलो से 250 किलो का हो गया है' और वे 10,000 लोगों के साथ आईपीएस अधिकारी के घर के सामने हंगामा करेंगे.
IPS एसोसिएशन ने जताया कड़ा विरोध
विधायक के इस व्यवहार पर मध्य प्रदेश आईपीएस एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है. एसोसिएशन ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर विधायक की भाषा को 'अभद्र, अमर्यादित और धमकी भरी' बताया है. पत्र में कहा गया है:
- विधायक का आचरण जनप्रतिनिधि की गरिमा के विपरीत है.
- ऐसी धमकियों से प्रशासनिक तंत्र और अधिकारियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ता है.
- एसोसिएशन ने सरकार से विधायक के खिलाफ उचित और कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
बीजेपी की चुप्पी और विपक्ष के सवाल
इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल मध्य प्रदेश भाजपा ने चुप्पी साध रखी है, वहीं विपक्ष इसे 'सत्ता की हनक' और 'विधायकी का घमंड' बताकर सरकार को घेर रहा है. अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व अपने विधायक के इस आचरण पर क्या एक्शन लेते हैं.
यहां देखें वीडियो
ADVERTISEMENT


