अजनार नदी की सफाई को लेकर बिट्टू तबाही के दावों का सच क्या? अब स्थानीय लोगों ने बताई अलग कहानी, जानें पूरा मामला

पंकज शर्मा

07 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 7 2026 3:50 PM)

Bittu Tabahi Controversy: राजगढ़ की 52 किलोमीटर लंबी अजनार नदी को अकेले साफ करने का दावा करने वाले यूट्यूबर बिट्टू तबाही के दावों पर सवाल उठने लगे हैं. ब्यावरा के स्थानीय निवासियों, अजनार बचाओ समिति और नगर पालिका सीएमओ का कहना है कि यह एक संयुक्त प्रयास था, जिसे बिट्टू तबाही ने अकेला अपना काम बता दिया.

बिट्टू तबाही के दावे पर उठे सवाल.
बिट्टू तबाही के दावों पर उठे सवाल
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Ajnar River Bittu Tabahi News: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित 52 किलोमीटर लंबी अजनार नदी की सफाई को लेकर सुर्खियों में आए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बिट्टू तबाही उर्फ शैलेंद्र सिंह के दावों पर अब विवाद खड़ा हो गया है. जिसकी तारीफ मुख्यमंत्री मोहन यादव से लेकर दिग्गज उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक कर चुके हैं, उस बिट्टू तबाही के अकेले नदी साफ करने के दावों पर ब्यावरा के स्थानीय निवासियों और नगर पालिका अधिकारियों ने सवाल खड़े कर दिए हैं.

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2016 से चल रहा है अजनार बचाओ अभियान, सीएमओ ने खोला सच

ब्यावरा नगर पालिका सीएमओ इकरार अहमद के अनुसार, अजनार नदी की सफाई का काम कोई अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता. वर्ष 2016 से ही 'अजनार बचाओ समिति' और नगर पालिका संयुक्त रूप से हर साल नदी सफाई का अभियान चलाते आ रहे हैं. सीएमओ ने स्पष्ट किया कि बिट्टू तबाही भी इसी समिति के एक सहयोगी सदस्य के रूप में काम कर रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्होंने इस पूरे सामूहिक प्रयास का श्रेय अकेले ले लिया.

रील बनाकर क्रेडिट लेने का आरोप, बारिश के पानी से साफ हुई नदी

स्थानीय लोगों और समिति के सदस्यों का कहना है कि बिट्टू तबाही ने केवल उन जगहों के वीडियो और रील बनाए जहाँ गंदगी कम थी या जो हिस्से पहले से साफ किए जा चुके थे. इसके अलावा क्षेत्र में हुई तेज बारिश के कारण नदी का बहाव तेज हुआ और काफी कचरा अपने आप बह गया. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सालों से मेहनत कर रहे समिति के सदस्यों और अधिकारियों के योगदान को नजरअंदाज कर केवल रील के दम पर क्रेडिट लिया गया.

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बिट्टू तबाही ने दी सफाई, कहा- 'मुझे मिला था सबका सहयोग'

विवाद बढ़ता देख बिट्टू तबाही का पक्ष भी सामने आया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि प्रशासन या जनता ने काम नहीं किया. बिट्टू तबाही के मुताबिक, स्थानीय प्रशासन, नगर परिषद और आम जनता का उन्हें पूरा सहयोग मिला था. उनका कहना है कि अन्य संगठन कभी-कभार आते थे, जबकि वह रोज नियमित रूप से नदी किनारे सफाई करने पहुँचते थे. फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी का माहौल है.

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