भोपाल: ट्विशा शर्मा मामले में पोस्टमार्टम में हुई बड़ी लापरवाही, क्या वाकई छुपा लिया गया था सबसे अहम सबूत!

Twisha Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले में एम्स के डॉक्टरों से बहुत बड़ी सबूत छुपाई गई थी. अब ये लापरवाही है ये कोई सोची समझी साजिश इसका खुलासा नहीं हो पाया है.

Twisha Sharma Case
Twisha Sharma Case

रवीशपाल सिंह

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MP Twisha Sharma Case:मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आए ट्विशा मौत मामले में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही पुलिस और शुरुआती पोस्टमार्टम  पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. दरअसल, जिस सबसे अहम सबूत यानी 'फंदे' के आधार पर मौत की गुत्थी सुलझनी थी, पोस्टमार्टम के वक्त डॉक्टर उसी से अनजान रहे.

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पोस्टमार्टम में हुई इतनी बड़ी लापरवाही?

फॉरेंसिक और कानूनी नियमों के मुताबिक जब भी कोई संदिग्ध खुदकुशी का मामला सामने आता है तो पुलिस को शव के साथ ही वह फंदा भी डॉक्टरों की टीम को सौंपना होता है जिससे गला घोंटा गया या फंदा लगाया गया हो. डॉक्टर इस फंदे की मोटाई, बनावट और मटेरियल का मिलान शव के गले पर पड़े निशान से करते हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि ट्विशा के मामले में एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों ने बिना इस बेल्ट को देखे ही पोस्टमार्टम कर दिया और अपनी शुरुआती रिपोर्ट भी सौंप दी.

पुलिस की सफाई और 'डैमेज कंट्रोल'

जब यह बड़ी चूक उजागर हुई तो पुलिस महकमे में खलबली मच गई. डैमेज कंट्रोल में जुटी पुलिस ने आनन-फानन में रविवार शाम को वह बेल्ट एम्स अस्पताल के डॉक्टरों को सौंपी. पुलिस का दलील है कि शुरुआत में बेल्ट की अपनी स्तर पर जांच चल रही थी जिसकी वजह से इसे डॉक्टरों को नहीं दिया जा सका था. अब डॉक्टर इस बेल्ट का मिलान ट्विशा के निशानों से करेंगे. माना जा रहा है कि इस जांच की रिपोर्ट सोमवार शाम तक आ सकती है. हालांकि, पुलिस का ये भी दावा है कि फंदे के बिना भी मौत की बुनियादी वजह का पता लगाया जा सकता है.

मध्य प्रदेश से बाहर दूसरे पोस्टमार्टम की मांग

इस पूरी ढिलाई और जांच के तरीके से ट्विशा का परिवार बेहद आहत और असंतुष्ट है. परिवार को अंदेशा है कि इस मामले में सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. यही वजह है कि पीड़ित परिवार 18 मई को भोपाल जिला अदालत में दोबारा पोस्टमार्टम (Second PM) कराने के लिए कानूनी आवेदन दायर करने जा रहा है. परिवार की साफ मांग है कि वे मध्य प्रदेश की किसी भी एजेंसी या अस्पताल पर भरोसा नहीं कर सकते, इसलिए ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम राज्य से बाहर देश के प्रतिष्ठित संस्थान 'दिल्ली एम्स' में कराया जाना चाहिए ताकि सच पूरी निष्पक्षता के साथ सामने आ सके.

कौन है ट्विशा और क्या है पूरा मामला 

नोएडा की रहने वाली 33 साल की ट्विशा शर्मा की कहानी एक ऐसी दर्दनाक दास्तान है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है. दरअसल, एक डेटिंग ऐप के जरिए मुलाकात के बाद दिसंबर 2025 में ट्विशा ने भोपाल के वकील समर्थ सिंह से शादी की थी, लेकिन शादी के महज पांच महीने बाद ही 12 मई 2026 की रात को कटारा हिल्स स्थित उनके ससुराल में उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ. इसके बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरे मामले में एक सनसनीखेज खुलासा किया जिससे पता चला कि ट्विशा दो महीने की गर्भवती थीं, मगर मौत से करीब एक हफ्ते पहले ही उनका जबरदस्ती अबॉर्शन कराया गया था. इसके साथ ही उनके शरीर पर मौत से पहले लगी कई गंभीर चोटों के निशान भी मिले हैं जो सीधे तौर पर उनकी हत्या की ओर इशारा करते हैं. इस खौफनाक वारदात के पीछे मृतका के मायके वालों का साफ आरोप है कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह ने मिलकर उन्हें भयानक मानसिक और शारीरिक यातनाएं दीं, जिसके चलते उनकी जान चली गई.

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