Ujjain Hanuman Mandir: क्यों नहीं हट रहे 'खड़े हनुमान जी'? पुजारी ने खोल दिया बड़ा राज!

संदीप कुलश्रेष्ठ

10 Sep 2026 (अपडेटेड: Sep 10 2026 12:10 PM)

सिंहस्थ 2028 के सड़क चौड़ीकरण की जद में आने से मंदिर विवादों में घिर गया है, जहां मुख्य पुजारी ने प्रशासन पर शर्तों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है. पुजारी के अनुसार, अब यह आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है.

हनुमान मंदिर उज्जैन
हनुमान मंदिर उज्जैन
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मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) की तैयारियों को लेकर सड़कों का चौड़ीकरण और विकास कार्य तेजी से चल रहा है. हालांकि, इस विकास कार्य की जद में प्रसिद्ध 'खड़े हनुमान जी' का मंदिर आने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित महेश बैरागी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया है कि मंदिर को हटाने को लेकर पैदा हुई स्थिति अब उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी है.

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"प्रशासन ने शर्तों को नजरअंदाज किया": पुजारी महेश बैरागी

अस्पताल से उपचार कराने के बाद वापस लौटे मंदिर के मुख्य पुजारी महेश बैरागी ने MP Tak से खास बातचीत में कहा कि इस पूरे कार्य को काफी आसानी और सौहार्दपूर्ण तरीके से पूरा किया जा सकता था, लेकिन प्रशासनिक गलतियों के कारण यह बवाल खड़ा हुआ है.

पुजारी महेश बैरागी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया:

"मैंने मंदिर हटाने को लेकर अपनी सहमति जरूर दी थी, लेकिन वह सशर्त (Conditional) थी. प्रशासन ने मेरी शर्तों को ध्यान से पढ़ा ही नहीं और बिना विचार किए कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे यह स्थिति बनी." 

महाकाल दर्शन करने वाले श्रद्धालु बना रहे 'डेस्टिनेशन पॉइंट'

मुख्य पुजारी के मुताबिक, अब यह मामला केवल मंदिर का नहीं रह गया है, बल्कि यह देश भर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था और दर्शनार्थियों की भावनाओं से जुड़ चुका है.

  • सोशल मीडिया का असर: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद देश के कोने-कोने से लोग खड़े हनुमान जी के दर्शन करने पहुंच रहे हैं.
  • श्रद्धालुओं का जमावड़ा: उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाला हर श्रद्धालु अब 'खड़े हनुमान जी' मंदिर को एक डेस्टिनेशन पॉइंट मानकर यहाँ ज़रूर आ रहा है.

बीते कुछ दिनों से सुबह से लेकर शाम तक मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ जुट रही है.

IIT की जांच और सुरक्षित विस्थापन की मांग

प्रशासनिक दावों पर सवाल उठाते हुए पुजारी ने कहा कि समाचार पत्रों में संभागायुक्त (कमिश्नर) का बयान आया था कि IIT की टीम ने मंदिर और प्रतिमा का सर्वे/खुदाई की है. हालांकि, पुजारी का दावा है कि IIT की टीम ने कोई नई खुदाई नहीं की बल्कि पुरानी जगह को ही देखा था.

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भगवान की प्रतिमा की पूरी तरह से आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों (स्कैनिंग) से जांच की जाए, ताकि मूर्ति को बिना किसी नुकसान के पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित ढंग से नए स्थान पर विस्थापित (Relocate) किया जा सके.

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