उज्जैन के महाकाल मंदिर में रात के अंधेरे में चली गोलियां, गूंजी कमांडोज की बूटों की आवाज, जानिए क्या था पूरा माजरा

संदीप कुलश्रेष्ठ

23 Oct 2026 (अपडेटेड: Oct 23 2026 3:52 PM)

उज्जैन के महाकाल मंदिर में सिंहस्थ महाकुंभ-2028 की तैयारियों के मद्देनजर एनएसजी कमांडोज और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ा सुरक्षा मॉक ड्रिल किया. इस अभ्यास के जरिए आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों और सुरक्षा एजेंसियों के आपसी तालमेल को परखा गया.

उज्जैन महाकाल
उज्जैन महाकाल
Google CTA

गुरुवार की रात महाकाल की नगरी उज्जैन में कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई सहम उठा. रात के ठीक 11 बजे से लेकर मध्यरात्रि 2 बजे तक महाकाल मंदिर परिसर किसी जंग के मैदान जैसा नजर आ रहा था. गोलियों की तड़तड़ाहट और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी ने एक पल के लिए सबको चौंका दिया था, लेकिन राहत की बात यह थी कि यह सब किसी असली हमले का नहीं, बल्कि एक बेहद खतरनाक और हाई-लेवल सुरक्षा अभ्यास (मॉक ड्रिल) का हिस्सा था.

Read more!

अचानक मिली थी आतंकी हमले की खबर

रात का सन्नाटा उस वक्त चीख उठा जब सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी इमरजेंसी की सूचना मिली. खबर थी कि आतंकवादियों के एक सशस्त्र दल ने महाकाल मंदिर पर अचानक धावा बोल दिया है और ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहा है. हालात की नजाकत को भांपते हुए स्थानीय पुलिस ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाल लिया.

लेकिन असली रोमांच तब शुरू हुआ जब कुछ ही मिनटों के भीतर मुंबई से आए नेशनल सिक्योरिटी गार्ड यानी एनएसजी (NSG) के कमांडोज ने कमान अपने हाथों में ले ली.

150 ब्लैक कैट कमांडोज का एक्शन

बुलेटप्रूफ जैकेट पहने, आधुनिक हथियारों से लैस और अपनी अचूक निशानेबाजी के लिए मशहूर एनएसजी के करीब 150 जवान एक्शन मोड में आ गए. उन्होंने बेहद सोची-समझी रणनीति के तहत मंदिर परिसर को घेरा और एक-एक कर सभी 'आतंकियों' को ढेर कर उनके मंसूबों को पूरी तरह नाकाम कर दिया.

इस दौरान आतंकवादियों से मुकाबले के इस कड़े अभ्यास में एनएसजी के कुछ जवानों को मामूली चोटें भी आईं, जो इस बात की गवाही दे रही थीं कि यह ट्रेनिंग कितनी वास्तविक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में की जा रही थी. इस पूरी कार्रवाई के दौरान जिले के तमाम आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थे.

सिंहस्थ महाकुंभ को लेकर बढ़ाई गई चौकसी

एएसपी आलोक शर्मा ने घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि ठीक दो साल बाद उज्जैन में दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन यानी सिंहस्थ महाकुंभ होने जा रहा है. इस महाकुंभ में देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर से करोड़ों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने का अनुमान है.

आने वाले इस बड़े आयोजन को ध्यान में रखते हुए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लोहे की दीवार जैसा मजबूत बनाने के लिए यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी. एनएसजी अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास का मुख्य मकसद यह जांचना था कि आपातकाल के वक्त सुरक्षा एजेंसियां कितनी जल्दी रिएक्ट करती हैं और अलग-अलग विभागों के बीच आपसी तालमेल कैसा रहता है. महाकाल मंदिर के अलावा देश के अन्य अतिसंवेदनशील और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर भी इस तरह के सुरक्षा अभ्यास समय-समय पर किए जाते हैं.

इस मॉक ड्रिल ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां किसी भी अनहोनी या संकट से निपटने के लिए चौबीसों घंटे पूरी तरह तैयार हैं. आने वाले समय में जब करोड़ों भक्त अपने आराध्य महाकाल के दर्शन के लिए यहां आएंगे, तो उनकी सुरक्षा में कोई चूक नहीं होने दी जाएगी.

ये भी पढ़ें: 10 हजार की रिश्वत में फंसा कर्मचारी! 2.30 लाख का वेतन निकालने के लिए मांगी घूस, लोकायुक्त ने दबोचा