शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोप लगाने वाली भूमिका द्विवेदी का इस्लाम के समर्थन का Video Viral ?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाली लेखिका भूमिका द्विवेदी का इस्लाम समर्थक पुराना वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है. वहीं, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने शंकराचार्य को बड़ी राहत देते हुए अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है.

शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद

आकांक्षा ठाकुर

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ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों सुर्खियों में हैं. जहां एक ओर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, वहीं दूसरी ओर उन पर गंभीर आरोप लगाने वाली लेखिका भूमिका द्विवेदी खुद विवादों में घिर गई हैं. सोशल मीडिया पर भूमिका द्विवेदी का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह इस्लाम धर्म का समर्थन करती नजर आ रही हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद यूजर्स उनकी मंशा और उनकी 'सनातनी' पहचान पर सवाल उठा रहे हैं.

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क्या है वायरल वीडियो का सच?

वायरल हो रहे वीडियो में भूमिका द्विवेदी यह कहती दिख रही हैं कि सभी धार्मिक ग्रंथ एक जैसे होते हैं और इस्लाम एक अच्छा धर्म व संप्रदाय है. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दो फाड़ नजर आ रहे हैं. एक तबका इसे उनकी निजी राय मान रहा है, तो दूसरा पक्ष इसे शंकराचार्य के खिलाफ एक बड़ी साजिश का हिस्सा बता रहा है.

शंकराचार्य पर लगाए थे सनसनीखेज आरोप

बता दें कि लेखिका भूमिका द्विवेदी ने दावा किया था कि वह साल 2022 में वाराणसी स्थित शंकराचार्य के आश्रम (विद्या मठ) में करीब दो महीने रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया था कि मठ के भीतर की व्यवस्थाएं और गतिविधियां झकझोर देने वाली थीं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनके पास इन आरोपों का कोई ठोस सबूत नहीं है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आश्रम में रहने के दौरान उनकी कभी भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से सीधी मुलाकात या बातचीत नहीं हुई थी.

कौन हैं भूमिका द्विवेदी?

भूमिका द्विवेदी एक जानी-मानी लेखिका और उपन्यासकार हैं. वह वरिष्ठ साहित्यकार स्वर्गीय नीलाभ अश्क की पत्नी और प्रसिद्ध हिंदी-उर्दू लेखक उपेंद्रनाथ अश्क की बहू हैं. उन्होंने कश्मीर और साधु-संतों के जीवन पर आधारित करीब 11 उपन्यास और 12 से अधिक किताबें लिखी हैं. वह गाजियाबाद में रहती हैं और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं. उनकी निजी जिंदगी और उम्र के बड़े अंतर वाली शादी को लेकर भी अब चर्चाएं तेज हो गई हैं.

कोर्ट से शंकराचार्य को मिली राहत

इस बीच, प्रयागराज की एडीजी कोर्ट द्वारा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज करने के आदेश के खिलाफ स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया था. हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और अगले आदेश तक उनकी गिरफ्तारी पर स्टे लगा दिया है. शंकराचार्य ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इन्हें अपने खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार दिया है.

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