कौन हैं IAS उषा परमार जिनके उपर लटकी गिरफ्तारी की तलवार ?

आकांक्षा ठाकुर

• 01:07 PM • 24 Sep 2026

जबलपुर हाईकोर्ट ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के नियमितीकरण आदेश का पालन न करने पर पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. कोर्ट ने पन्ना एसपी को वारंट तामील करवाकर कलेक्टर को 30 सितंबर को अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं.

IAS उषा परमार
IAS उषा परमार
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मध्य प्रदेश के पन्ना जिले की कलेक्टर और 2011 बैच की प्रमोटी आईएएस अधिकारी उषा परमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं . जबलपुर हाईकोर्ट की एकल पीठ (जस्टिस विवेक जैन) ने कोर्ट के आदेश की अवमानना (Contempt of Court) से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए कलेक्टर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी कर दिया है.

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हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पन्ना जिले की एसपी को वारंट तामील करवाने और कलेक्टर उषा परमार को 30 सितंबर को कोर्ट के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं.

क्या है पूरा विवाद और अवमानना का मामला?

पूरा मामला कलेक्टर कार्यालय में कार्यरत रही एक सेवानिवृत्त अस्थाई कर्मचारी (सेक्शन राइटर) जाबिन आरा रिवी से जुड़ा है.

  • पॉलिसी का लाभ ना मिलना: मध्य प्रदेश शासन की वर्ष 2016 की नीति के तहत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कुशल श्रेणी का लाभ और विनियमितीकरण (Regularization) किया जाना था. लाभ न मिलने पर पीड़िता ने हाईकोर्ट का रुख किया था.
  • हाईकोर्ट का निर्देश: हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को याचिका का निराकरण करते हुए पन्ना कलेक्टर को 90 दिनों के भीतर मामले का निपटारा करने का आदेश दिया था.
  • आदेश का अनुपालन नहीं: निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन न होने पर पीड़िता ने अवमानना याचिका दाखिल की . इसके बाद 4 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने कलेक्टर को नोटिस जारी किया था.
  • अदालत में गैरहाजिरी: नोटिस मिलने के बावजूद न तो कलेक्टर की ओर से कोई जवाब दाखिल किया गया, न ही परिपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और न ही किसी वकील के जरिए उपस्थिति दर्ज कराई गई. इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए कोर्ट ने अब गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया.

कौन हैं आईएएस उषा परमार?

  • प्रमोटी आईएएस अफसर: उषा परमार 2011 बैच की आईएएस (IAS) अधिकारी हैं और मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं.
  • लंबा इंतजार: राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस के पद पर प्रमोट होने के बाद वह काफी समय से फील्ड पोस्टिंग का इंतजार कर रही थीं.
  • पहली बार कलेक्टर: पन्ना जिले की कमान संभालना उनकी बतौर कलेक्टर पहली फील्ड पोस्टिंग है.
  • पूर्व का अनुभव: कलेक्टर बनने से पहले वह वन विभाग में लगभग 8 साल तक उप सचिव के पद पर रहीं और इसके बाद राजस्व विभाग में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं.

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