ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात के बीच व्हाइट हाउस के बाहर बवाल: चीनी पत्रकारों और अमेरिकी सीक्रेट सर्विस में तीखी झड़प, वीडियो वायरल

ऋषि सिंह

• 04:10 PM • 25 Sep 2026

चीनी पत्रकार अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं हुए, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई. बात इतनी बढ़ गई कि अधिकारी पत्रकारों को हटाने के लिए आगे बढ़े और दोनों ओर से धक्का-मुक्की शुरू हो गई. यह पूरा हंगामा उस वक्त हुआ, जब अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की औपचारिक मुलाकात की तैयारियां चल रही थीं. यानी अंदर दोस्ती और सहयोग की चर्चा हो रही थी, जबकि बाहर तनाव चरम पर था.

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अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने के लिए एक तरफ जहां वॉशिंगटन में भव्य स्वागत और उच्चस्तरीय वार्ता का दौर देखने को मिला, वहीं दूसरी तरफ व्हाइट हाउस के ठीक बाहर जबरदस्त ड्रामा हो गया. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दौरे के दौरान व्हाइट हाउस के बाहर चीनी पत्रकारों और अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों (सीक्रेट सर्विस) के बीच तीखी बहस हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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कैमरा लगाने की जगह को लेकर भिड़े दोनों पक्ष

सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि व्हाइट हाउस के बाहर मीडिया स्टैंड पर चीनी मीडिया के फोटोग्राफर्स और वीडियोग्राफर्स अपने कैमरे सेट करने की कोशिश कर रहे थे. इसी दौरान अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों और तय प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें पीछे हटने को कहा.

चीनी पत्रकार अपनी जगह से हटने को तैयार नहीं हुए, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई. बात इतनी बढ़ गई कि अधिकारी पत्रकारों को हटाने के लिए आगे बढ़े और दोनों ओर से धक्का-मुक्की शुरू हो गई. यह पूरा हंगामा उस वक्त हुआ, जब अंदर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की औपचारिक मुलाकात की तैयारियां चल रही थीं. यानी अंदर दोस्ती और सहयोग की चर्चा हो रही थी, जबकि बाहर तनाव चरम पर था.

1962 के बाद पहली बार: ट्रंप ने तोड़ा प्रोटोकॉल, खुद पहुंचे एयरबेस

इस हंगामे से कुछ ही घंटे पहले दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बेहतरीन गर्मजोशी देखने को मिली थी. शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ मैरीलैंड स्थित जॉइंट बेस एंड्रयूज पहुंचे थे, जहां खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने उनकी अगवानी की. जानकारों के मुताबिक, 1962 के बाद यह पहला मौका है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का सैन्य अड्डे पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत किया. वर्ष 2015 के बाद यह जिनपिंग की पहली वॉशिंगटन यात्रा है, जिसे लेकर वैश्विक स्तर पर खासा उत्साह था.

'हम प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बनें'-जिनपिंग'

एयरबेस से व्हाइट हाउस पहुंचने के बाद ट्रंप और जिनपिंग के बीच विस्तृत द्विपक्षीय बातचीत हुई. बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने सकारात्मक संदेश दिया:

  • साझेदारी पर जोर: राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और अमेरिका को एक-दूसरे का प्रतिद्वंद्वी बनने के बजाय साझेदार बनना चाहिए. उन्होंने अमेरिकी कंपनियों के लिए चीनी बाजार खुले रहने का भरोसा दिलाया.
  • दोस्ती का जिक्र: डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हुआ है और दोनों नेताओं के बीच अच्छी समझ बनी है.
  • एआई और रक्षा संवाद: दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ताइवान, टेक्नोलॉजी और मिलिट्री डायलॉग पर बात हुई. जिनपिंग ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हमेशा इंसानों के नियंत्रण में रहे, यह सुनिश्चित करना दोनों महाशक्तियों की साझा जिम्मेदारी है.

कूटनीतिक मुस्कान के पीछे का धरातल

हालांकि, बाहर हुई धक्का-मुक्की का असर अंदर चल रही उच्चस्तरीय बैठक पर नहीं पड़ा और सभी आधिकारिक कार्यक्रम तय समय के अनुसार पूरे हुए.