सोशल मीडिया पर अलग-अलग सांसदों के कामकाज और उनके द्वारा खर्च किए गए सरकारी फंड को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं. हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर एक चर्चा जोरों पर है. वजह है...उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए मिले फंड (MPLADS) से कहीं ज्यादा रकम खर्च कर दी है. अब सवाल ये है कि इस बात में कितनी सच्चाई है? न्यूज तक की इस विशेष रिपोर्ट में हम आपको सरकारी आंकड़ों के जरिए इस दावे की पूरी सच्चाई बता रहे हैं.
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अमेठी का हिसाब: क्या सच में खर्च हुए ₹25 करोड़?
दावा किया जा रहा है कि अमेठी के सांसद रहते हुए (2014-2019) राहुल गांधी को 22.50 करोड़ का संसदीय फंड आवंटित हुआ था, लेकिन उन्होंने 25 करोड़ से ज्यादा खर्च कर दिए. सरकारी वेबसाइट (MPLADS Dashboard) के आंकड़ों के मुताबिक, राहुल गांधी को अमेठी के लिए कुल 22.50 करोड़ रुपए का फंड मिला था. रिकॉर्ड्स बताते हैं कि उन्होंने वास्तव में 25.64 करोड़ रुपए का खर्च किया है. अब सवाल यह उठता है कि जब फंड कम मिला, तो अतिरिक्त 3 करोड़ रुपए कहां से आए?
एक्स्ट्रा खर्च हुए 3 करोड़ का सच
विशेषज्ञों और सरकारी प्रक्रिया के अनुसार, यह अतिरिक्त राशि पिछले वर्षों के बचे हुए फंड पर मिलने वाला ब्याज (Interest) और पुराने बकाया से जुड़ी है. यदि कोई सांसद अपने पिछले कार्यकाल का पैसा नहीं खर्च कर पाता, तो वह पैसा ब्याज समेत अगले बजट में जुड़ जाता है. राहुल गांधी के मामले में 110% का स्ट्राइक रेट रहा है. जिसका मतलब है कि उन्होंने आवंटित राशि और उस पर मिले ब्याज का पूर्ण उपयोग किया है.
वायनाड को लेकर किए दावे का सच
राहुल गांधी के वायनाड (2019-2024) कार्यकाल को लेकर यह दावा किया जा रहा था कि उन्होंने वहां अपना एमपी फंड खर्च ही नहीं किया. हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों ने इस दावे को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने वायनाड में ब्याज सहित करीब 17.21 करोड़ रुपए का उपयोग किया, जो उनके आवंटित कोटे का लगभग 123% (पुराने बकाया को मिलाकर) बैठता है.
आप खुद कैसे चेक करें अपने सांसद का फंड?
आप भी अपने क्षेत्र के सांसद का रिपोर्ट कार्ड चेक कर सकते हैं. इसके लिए आपको 'Members of Parliament Local Area Development Scheme' (MPLADS) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां डैशबोर्ड पर जाकर आप अपने राज्य और संसदीय क्षेत्र का नाम भरकर देख सकते हैं कि आपके सांसद को कितना पैसा मिला और उन्होंने आपके क्षेत्र के विकास पर कितना खर्च किया.
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