New Delhi News: देश में एक तरफ जहां E20 पेट्रोल और इंजन पर उसके प्रभाव को लेकर चर्चाएं गर्म हैं. लोग अभी इसका खुले दिल से स्वागत नहीं कर रहे हैं. इसी बीच केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि आने वाले समय में दिल्ली की बसें पेट्रोल, डीजल या सीएनजी से नहीं, बल्कि शहर के ही कूड़े-कचरे से तैयार होने वाले हाइड्रोजन पर दौड़ती नजर आएंगी.
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राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने इस क्रांतिकारी योजना का खाका खींचा. उन्होंने कहा कि जिस कूड़े को आज दिल्ली की सबसे बड़ी मुसीबत माना जाता है, वही कल गाड़ियों को रफ्तार देगा. इस योजना के तहत नगर निगम के कचरे को सबसे पहले अलग-अलग (Segregate) किया जाएगा. इसके बाद बायोडाइजेस्टर तकनीक का इस्तेमाल करके उससे शुद्ध हाइड्रोजन गैस तैयार की जाएगी, जिससे दिल्ली की बसों को चलाया जाएगा. गडकरी ने यह भी जोड़ा कि भविष्य में पानी से भी हाइड्रोजन बनाकर वाहन चलाने की तकनीक पर काम होगा.
मेरा सपना है पानी से गाड़ी चलाने का- नितिन गडकरी
नितिन गडकरी ने अपने संबोधन में आगे कहा- ''मैं हाइड्रोजन की गाड़ी में चलता हू. मैंने कहा- मेरा सपना है कि गाड़ी में पानी डालेंगे, हाइड्रोजन तैयार होगा और हम गाड़ी चलाएंगे. तो लोग बोले ये कैसे होगा? मैंने बोला होगा.
"मेरी भविष्यवाणी कभी गलत नहीं होती"- गडकरी
नितिन गडकरी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा, "लोग अक्सर कहते हैं कि ये कैसे होगा, लेकिन मैंने 50 साल में कोई बात कही और नहीं हुई ऐसा हुआ है क्या?." उन्होंने भरोसा जताया कि कचरे और पानी से हाइड्रोजन बनाकर बसें चलाने का यह प्रोजेक्ट भी जल्द ही हकीकत की जमीन पर उतरेगा.
दिल्ली के 4 तीर्थ जो ये कचरे के पहाड़ हैं- नितिन गडकरी
नितिन गडकरी ने आगे कहा- 'ये दिल्ली के चार तीर्थ स्थान है...जो कचरे की टेकरियां, गाज़ीपुर से लेकर और 80 लाख टन कचरा दिल्ली का. हमने यूआर 2 दिल्ली मुंबई हाईवे में डाल दिया. अहमदाबाद का कचरा डाल दिया. हमने कार्यक्रम तय किया है कि प्रधानमंत्री जी का 'स्वच्छ भारत', के तहत ऐसा भारत बनाना है जो गंदगी से मुक्त हो. तो हमने तय किया है कि 2027 समाप्त होने के पहले हम इस देश के कचरे को नष्ट कर देंगे.
टॉयलेट का पानी भी बेचा जा सकता है- गडकरी
गडकरी ने आगे कहा- इतना ही नहीं, उस कचरे को सेग्रिगेट करके बायो-डाइजेस्टर में डालकर हाइड्रोजन तैयार करेंगे और दिल्ली की बसें उससे चलाएंगे. ये संभव है. मैं अब जहां का सांसद हूं, मैंने वहां टॉयलेट का पानी बेच दिया. आप मुझे बताइए टॉयलेट का पानी बेचकर कोई पैसे मिला सकते हैं क्या? 8 साल से हमारी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन सवा तीन सौ करोड़ रुपये साल के कमा रही है टॉयलेट का पानी बेचकर. सब कुछ हो सकता है.
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