Morpal Suman Viral Letter: बारां जिले के अंता उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद माहौल फिर गर्म हो गया है. चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रहे मोरपाल सुमन का एक गोपनीय पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल रहा है. इस पत्र में उन्होंने अपनी हार के लिए पार्टी के भीतर के हालात को जिम्मेदार बताया है.
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'घर के भेदियों ने लंका ढहाई'
मोरपाल सुमन ने जिला अध्यक्ष को लिखी इस चिट्ठी में साफ-साफ कहा है कि अंता में पार्टी इसलिए नहीं हारी कि कांग्रेस मजबूत थी, बल्कि इसलिए हारी क्योंकि बीजेपी के ही कुछ बड़े नेताओं ने पीठ में छुरा घोंपा. सुमन का आरोप है कि पार्टी ने टिकट देने में बहुत देर कर दी, जिससे कार्यकर्ताओं में कन्फ्यूजन पैदा हो गया.
इन नेताओं पर लगा आरोप
वायरल चिट्ठी में मोरपाल सुमन ने कई बड़े नाम लिए हैं. उन्होंने ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के करीबी मनोज शर्मा, पूर्व विधायक हेमराज मीणा और पूर्व जिला अध्यक्ष नंदलाल सुमन समेत करीब एक दर्जन पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सुमन का कहना है कि इन नेताओं ने पर्दे के पीछे रहकर कांग्रेस उम्मीदवार की मदद की और पार्टी को हराने का काम किया.
ओम बिरला पर भी आरोप लगाए
मोरपाल सुमन ने ओम बिरला पर भी आरोप लगाए हैं, उन्होंने लैटर में लिखा, "उनकी पूरी टीम ने प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से विरोध में काम किया. काफी बड़ी राशि बारां के बड़े नेताओं को उपलब्ध करवा कर मतदाताओं को प्रलोभन देकर कांग्रेस प्रत्याक्षी प्रमोद जैन भाया की जीत में मदद की."
बड़े नेताओं तक पहुंची शिकायत
मोरपाल सुमन सिर्फ चिट्ठी लिखकर ही नहीं रुके, उन्होंने इसकी कॉपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी भेजी है. उन्होंने चुनाव आयोग के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए हैं कि उन्होंने दूसरी पार्टियों द्वारा पैसे और संसाधनों के गलत इस्तेमाल को नहीं रोका.
अब इस वायरल चिट्ठी के बाद बीजेपी के अंदर घमासान मचना तय माना जा रहा है. देखना होगा कि पार्टी इन आरोपों पर क्या एक्शन लेती है.
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